बॉलीवुड के अपने जमाने के महान अभिनेता विश्वजीत का 79 वर्ष की उम्र में वही पुराने वाला जलवा देखने को मिला। उनके चाहने वालों ने भी उनके गीत सुनने और उन्हें देखने के लिए अपनी सीटें पहले ही पक्की कर ली थी।
यह नजारा देखने को मिला टैगोर थिएटर में। यहां बसंत गिरिजा श्री सोसाइटी की ओर से कैंसर के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम का थीम विश्वजीत विश्वजीत के गानों को बनाया गया था। सुरीला सफर में जहां विश्वजीत ने अपनी ही फिल्मों के गीत पेश किए। टैगोर थिएटर में उनकी एंट्री भी एक हीरो की तरह ही हुई। पुकारता चला हूं मैं गली-गली बहार गाने की धुन के साथ ही विश्वजीत ने हाल में एंट्री की।
दर्शकों ने उनके आते ही उनके सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं। इसके बाद दर्शकों की फरमाइश पर विश्वजीत ने गानों की शुरुआत की। इसके बाद विश्वजीत ने हेमंत कुमार को याद करते हुए बताया कि यह वह शख्स थे जो मुझे बॉलीवुड में लेकर आए थे।
विश्वजीत ने यह अपना दिल जो आवारा न जाने किस पर आएगा गाना गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विश्वजीत की लाइव परफार्मेंस को दर्शकों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। वहीं हॉल में मौजूद बच्चों में उनके साथ फोटो खिंचवाने और उनके ऑटोग्राफ लेने की होड़ सी मची हुई थी।
अधिकारियों ने सजाई महफिल
स्टेज पर आईपीएस रंजू प्रसाद और उनके पति आईएएस एसएस प्रसाद ने भी गाने गाए। इन दोनों ने मुकेश जी और लता जी का गाना.. कहीं करती होगी वो मेरा इंतजार, जिसकी तमन्ना में फिरता हूं बेकरार पर शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद चंडीगढ़ की श्वेता और पल्लवी ने.... हजूरे वाला जो हो इज्जात तो हम यह कद दें पर खूब तालियां बटोरीं। इस दौरान विश्वजीत की फिल्मों के सफर और उनके हिट गानों को स्लाइड शो के जरिये दर्शाया गया।