पंजाब सचिवालय में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू के ऑफिस की रेनोवेशन के काम में भले ही समय लग रहा है, लेकिन अगले एक हफ्ते में पूरी तरह तैयार होने वाला यह आफिस ऐसे चमचमाएगा कि इसके लश्कारे देखते ही बनेंगे। सिद्धू के आफिस में फर्श से लेकर छत तक सब कुछ बदल दिया गया है। दीवारों पर सफेद रंग का वाल-पेंट और छत में अलग-अलग आकार की दूधिया रोशनी इस कमरे की ऐसी छटा प्रस्तुत करने को तैयार हैं कि इसमें प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को यही महसूस होगा कि वह चमचमाती रोशनी से नहा गया है।
नई सरकार के गठन के बाद कैबिनेट के सभी मंत्रियों को जैसे ही सचिवालय में कमरे अलॉट किए गए थे, तुरंत उन कमरों की रेनोवेशन का काम शुरू हो गया था। इनमें सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा का आफिस तैयार हुआ, जिसमें कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं किया गया बल्कि दीवारों की रंगाई और परदे बदलने के साथ ही मंत्री ने आफिस संभाल लिया। उनके कमरे में पहले से मौजूद फर्नीचर को ही ड्राईक्लीन करवा दिया गया।
कमोबेश, रेनोवेशन के तहत ऐसा ही बदलाव शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रही राज्यमंत्री अरुणा चौधरी, पीडब्ल्यूडी विभाग की राज्यमंत्री रजिया सुल्ताना, सिंचाई एवं ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, पंचायती राज मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के आफिस में रेनोवेशन के तहत कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
कमरे से पुराने इनडोर प्लांट भी हटा दिए
- फोटो : File Photo
खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कमरे और सीएमओ के बाकी कमरों में भी रेनोवेशन के तहत मामूली बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री समेत बाकी सभी मंत्रियों ने रेनोवेशन का काम पूरा होने के बाद अपने-अपने कमरों में बैठकर काम शुरू कर दिया है, लेकिन स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू के कमरे की रेनोवेशन का काम डेढ़ महीने से जारी है। संभावना है कि अगले एक हफ्ते में काम पूरा हो जाएगा। फिलहाल, नवजोत सिद्धू सेक्टर-35 चंडीगढ़ स्थित स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय में बैठकर आफिस का काम संभाल रहे हैं। इस संबंध में वीरवार को जब पंजाब सचिवालय में संबंधित अधिकारियों से जानकारी चाही तो किसी भी अधिकारी ने कुछ कहने से इनकार कर दिया।
कमरे से पुराने इनडोर प्लांट भी हटा दिए
नवजोत सिद्धू के पंजाब सचिवालय में कमरे की रेनोवेशन का काम शुरू होते ही चर्चा का विषय बन गया था। कमरे के रेनोवेशन पर करीब 10 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। कमरे में फर्श पर नए टाइल्स, फॉल्स सीलिंग, कमरे में बिल्कुल नया फर्नीचर और लकड़ी का काम, टायलेट और रेस्ट रूम भी नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस कमरे में पहले से रखे इंडोर प्लांट भी बाहर कर दिए गए हैं, जो अब कमरे के बाहर सूख गए हैं। रेनोवेशन के खर्च को लेकर बीते दिनों जब राज्य की पीडब्ल्यूडी मंत्री रजिया सुल्ताना से जानना चाहा तो उनका यही कहना था कि मंत्रियों के कमरों की रेनोवेशन के लिए राशि नियमानुसार तय है और काफी कम है। कमरों की रेनोवेशन पर तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं किया जा सकता।