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जिस केस में कोर्ट में हुई किरकिरी, उसी में पुलिस को क्लीन चिट

Fri, 12 May 2017 09:10 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पुलिस - फोटो : file photo
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जिस केस में कोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस की किरकिरी हुई, उसी मामले में पुलिस कंपलेंट अथॉरिटी (पीसीए) ने पुलिस को क्लीन चिट दी है। पुलिस ने रॉयल सिटी प्रमोटर के डायरेक्टर की जगह पूर्व पार्षद देसराज गुप्ता के बेटे विकास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था। 
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इसी पर फैसले में पीसीए ने कहा कि पुलिस ने प्रताड़ित करने के उद्देश्य से विकास गुप्ता को गिरफ्तार नहीं किया। बताए गए पते पर जब पुलिस ने छापामारी की, उस समय विकास गुप्ता पते पर मौजूद था। पुलिस ने गलत पहचान के चलते उसे गिरफ्तार किया था। वहीं कंज्यूमर कमीशन के फैसले के बाद पुलिस ने विकास गुप्ता को फौरन रिहा कर दिया था। इस पर अथॉरिटी ने सुनवाई में चंडीगढ़ पुलिस को निर्दोष पाते केस डिस्पोस्ड ऑफ कर दिया।

दरअसल, सेक्टर-40 के संदीप सिंगला ने रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के 6 डायरेक्टर के नाम शिकायत दी थी। संदीप सिंगला ने कंपनी से जून 2011 में 200 स्क्वायर यार्ड के 2 प्लॉट खरीदे थे। इसके लिए 20 लाख रुपये जमा करवाए गए, लेकिन प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए कॉम्पिटेंट अथॉरिटी से अप्रूवल नहीं थी। साथ ही प्रोजेक्ट्स के लिए एग्रीमेंट टू सेल कर दिया गया। इस पर संदीप सिंगला ने प्यारे लाल गर्ग, विकास गुप्ता, प्रवीण कांसल, मनीष कुमार सिंगला समेत 6 के खिलाफ शिकायत दी थी।
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कोर्ट ने कहा था, असली आरोपी को पेश करो

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इस पर चंडीगढ़ पुलिस ने विकास गुप्ता को गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़ पुलिस ने 9 मार्च 2017 को विकास गुप्ता को कंज्यूमर कमीशन के समक्ष पेश किया था, लेकिन शिकायतकर्ता संदीप सिंगला के बयानों से पलटने के चलते विकास गुप्ता को कंज्यूमर कमीशन ने बरी कर दिया। इसके बाद विकास गुप्ता ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने पर पुलिस कंट्रोल अथॉरिटी में शिकायत दी थी।

कोर्ट ने कहा था, असली आरोपी को पेश करो
चंडीगढ़ पुलिस ने कंपनी का डायरेक्टर समझकर पूर्व बीजेपी काउंसलर देसराज गुप्ता के बेटे विकास गुप्ता को गिरफ्तार लिया था। जब गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस को समझ आया कि विकास गुप्ता वह नहीं है, जिसने करोड़ों की ठगी की है। वह तो दूसरा विकास गुप्ता है। इस मामले में  कोर्ट में भी चंडीगढ़ पुलिस की खूब किरकिरी हुई, कोर्ट ने कहा कि जिस विकास गुप्ता को पकड़ा है, वह आरोपी है ही नहीं। कोर्ट ने विकास गुप्ता को केस में डिस्चार्ज करते हुए उसे छोड़ा और पुलिस को आदेश दिए कि किसी भी हाल में असली आरोपियों को पेश कर उनके सामने लाओ।
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