चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की मौजूदगी में वीरवार को ट्राइसिटी में ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए रिंग रोड समेत अन्य विकल्पों पर घंटों मंथन किया गया। बैठक में पंजाब व हरियाणा के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान अफसरों से साफ तौर पर कहा गया कि रिंग रोड के निर्माण में जो भी अवरोध आ रहे हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए ताकि चंडीगढ़ सहित ट्राइसिटी के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल सके।
सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय के सभागार में प्रशासक के समक्ष चंडीगढ़ प्रशासन के कई विभागों ने चंडीगढ़ में चल रहे विकास कार्यों से संबंधी योजनाओं की प्रगति को अपनी प्रेजेंटेशन दी। प्रशासक ने फाइनेंस डिपार्टमेंट से जाना कि अब तक किन-किन योजनाओं पर कितना धन खर्च किया गया है। योजनाओं पर जो धन खर्च किया जा रहा है, उनका प्रयोग किस प्रकार से किया जा रहा है। प्रशासक का मुख्य फोकस यातायात की व्यवस्था पर रहा।
बदनौर ने ट्राइसिटी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पंजाब और हरियाणा से आए अफसरों से भी सुझाव लिए। साथ ही प्रशासक ने रिंग रोड के निर्माण में आ रही रुकावटों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। एडवाइजर मनोज परिदा, प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
शहर के बीच से गुजर रहे तीन राज्यों के वाहन
ट्राइसिटी में ट्रैफिक कंजेशन को लेकर बीते नौ अगस्त को एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इस प्रस्ताव का मसौदा पंजाब हरियाणा के अधिकारियों को बताया गया था कि शहर में लगातार पंजाब-हरियाणा, हिमाचल प्रदेश का ट्रैफिक बढ़ रहा है। फिलहाल इन राज्यों के लोगों को कोई बाहरी रास्ता न होने के चलते चंडीगढ़ के बीचोबीच होकर गुजरना पड़ता है। इसकी वजह से शहर की सड़कें ट्रैफिक से भरी रहती हैं।
दिल्ली, हरियाणा या अंबाला व साथ सटते पंजाब के इलाकों से आने वाला ट्रैफिक जिसे मोहाली या खरड़ होकर रोपड़ या जालंधर की ओर जाना होता है, उसको भी बीच चंडीगढ़ से होकर गुजरना पड़ता है। इसी तरह इस तरफ से जो ट्रैफिक आता है वह भी चंडीगढ़ होकर हरियाणा या दिल्ली की ओर जाता है। चंडीगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक कंजेशन को रोकने के लिए बाहर से ही रिंग रोड तैयार किए जाने का प्रस्ताव तैयार तैयार किया गया है।