फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध तरीके से रेमडेसिवर दवा बेच रहे कंपनी के निदेशक सहित छह गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। कोरोना के गंभीर मरीजों की जान बचाने में काम आने वाली दवा रेमडेसिविर को बिना अनुमति मनमाने दाम पर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने रविवार को किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने सेक्टर-17 से बद्दी स्थित हेल्थ बायोटेक फार्मा कंपनी के निदेशक गौरव चावला, केरल निवासी अभिषेक, फिलिप जैकेब, केपी फ्रांसिस, साउथ दिल्ली निवासी सुशील कुमार व भोपाल निवासी प्रभात त्यागी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब तीन हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले हैं।
विज्ञापन

चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन सेल को रविवार को सूचना मिली कि सेक्टर-17 स्थित एक बड़े होटल में रेमडेसिविर को अवैध तरीके से बाजार में बेचने का सौदा हो रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने होटल में छापा मारकर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी रेमडेसिविर को बेचने की अनुमति का कागज नहीं दिखा सके। उसके बाद पुलिस सभी को पकड़कर सेक्टर 17 थाने ले आई। जहां सभी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी 420 (धोखाधड़ी), 120/बी (साजिश रचना), सेक्शन 7 (आवश्यक वस्तु अधिनियम) और औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 27 के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों को रविवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया।
जांच में पता चला है कि बद्दी की हेल्थ बायोटेक फार्मा कंपनी रेमडेसिविर दवा बना रही थी। कंपनी इस दवा को बाहर के देशों में निर्यात कर रही थी। 11 अप्रैल को भारत सरकार ने रेमडेसिविर के निर्यात पर रोक लगा दी। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने इसे भारत के बाजार में बेचने की तैयारी कर ली जबकि कंपनी को भारत में बेचने की अनुमति नहीं थी। कंपनी ने तीन हजार रेमडेसिविर के इंजेक्शन बनाए और उसके सौदे की तैयारी शुरू कर दी। इस बात की सूचना जब पुलिस को लगी तो उन्होंने मौके पर कंपनी के निदेशक सहित अलग-अलग प्रदेशों से आए लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कंपनी के बद्दी स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में छापा मारा और वहां से तीन हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन कब्जे में ले लिए। साथ ही कंपनी के निदेशक जीरकपुर निवासी गौरव चावला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि कंपनी को बाहर दवा बेचने की अनुमति थी या नहीं।
विज्ञापन

महंगे दाम पर 11 हजार दवा बेच चुके हैं
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि कंपनी अब तक 11 हजार रेमडेसिविर के इंजेक्शन बेच चुकी है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कंपनी ने इन इंजेक्शनों को बाहर बेचा है या भारत के प्रदेशों में। पकड़ी गई रेमडेसिविर दवा पर 4700 रुपये की एमआरपी है। जांच के लिए अब उच्च अधिकारियों ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दी है। टीम को आशंका है कि इस गैंग में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस चार दिन के रिमांड में आरोपियों से सभी राज खंगालेगी।
विज्ञापन

कोट
रेमडेसिविर को बिना अनुमति के अवैध तरीके से बेचा जा रहा था। मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए टीम गठित की गई है। छानबीन जारी है।
-केतन बंसल, एसपी ऑपरेशन सेल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें