सीएम मनोहर लाल ने कहा कि रेमडेसिविर टीका बिना चिकित्सक की पर्ची के न दिए जाने की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग करेगा। टीका बिक्री का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस टीके की प्रदेश में प्रतिदिन एक हजार डोज की आपूर्ति हो रही है, अब यह संख्या और बढ़ाई जाएगी।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा में रेमडेसिविर टीके के लिए सख्ती और बढ़ा दी है। अब यह इंजेक्शन बिना चिकित्सक के परामर्श नहीं मिलेगा। सरकार ने आधार कार्ड के साथ इसे भी जरूरी कर दिया है। वहीं दिल्ली के साथ ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर चल रहा विवाद भी सुलझ गया है। यह जानकारी गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और डीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के बाद दी।
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सीएम ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 महामारी की स्थिति, गेहूं खरीद एवं उठान और जलशक्ति मिशन की समीक्षा की गई है। सीएम ने कहा कि रेमडेसिविर टीका बिना चिकित्सक की पर्ची के न दिए जाने की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग करेगा। टीका बिक्री का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस टीके की प्रदेश में प्रतिदिन एक हजार डोज की आपूर्ति हो रही है, अब यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। निजी अस्पताल रेमडेसिविर की व्यवस्था अपने स्तर पर कर सकते हैं। सीएम ने इसकी कालाबाजारी पर लगाम लगाने और समुचित व्यवस्था करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं
सीएम ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। हरियाणा के लिए आवंटित ऑक्सीजन की आपूर्ति नियमित तौर पर आती रहेगी। इसका वितरण सभी निजी अस्पतालों समेत सही ढंग से नियमिति रूप से होगा। इसके लिए 24 घंटे सातों दिन एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। अस्पताल आपातकाल के समय उस नंबर पर संपर्क कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानीपत प्लांट से ट्रकों में ऑक्सीजन भरने के लिए रोस्टर बना दिया गया है। अब से एक ट्रक हरियाणा और दो ट्रक दिल्ली, पंजाब के लिए भरे जाएंगे। वह खुद पानीपत प्लांट की निगरानी कर रहे हैं। पानीपत प्लांट में प्रतिदिन 260 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता है। इसमें से 140 मीट्रिक टन दिल्ली, 80 मीट्रिक टन हरियाणा और 20 मीट्रिक टन पंजाब के लिए निर्धारित है। हरियाणा को राजस्थान के भिवाड़ी प्लांट से भी 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। बुधवार को उसमें कुछ दिक्कतें आई थी, गुरुवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री से इस बारे में बातचीत की है।
दिल्ली के लिए भेजी ऑक्सीजन सप्लाई
पानीपत ऑक्सीजन प्लांट से हरियाणा व दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों को की जाने वाली आपूर्ति में कुछ कठिनाई आई थी, अब उसका समाधान कर लिया गया है। प्रधानमंत्री से इस बारे में मुख्यमंत्री की बातचीत हुई थी। मनोहर लाल ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक पानीपत प्लांट से दिल्ली को 170 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई भेजी गई है। इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फोन कर संतुष्टि जताई है।
कोविड मरीजों के लिए 50 प्रतिशत बेड आरक्षित करेंगे निजी अस्पताल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 की स्थिति, गेहूं खरीद एवं उठान और जलशक्ति मिशन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी अस्पताल कोविड मरीजों के लिए 50 प्रतिशत बेड आरक्षित करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने कोविड संक्रमित मरीजों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि एक मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना पर चर्चा की गई। कोरोना मरीजों के लिए वेंटिलेटर वाले बेड की कमी नहीं है। गुरुग्राम व फरीदाबाद में बेड की उपलब्धता ऑनलाइन कर दी गई है। गुरुग्राम के एसजीटी मेडिकल कॉलेज में 500 बेड की व्यवस्था है। वहां के औद्योगिक एरिया में 150 बेड की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें से 50 बेड की व्यवस्था गुरुवार को कर दी है। भारतीय सेना ने भी मदद की पहल की है। चंडीमंदिर के सेना कमांडर से भी बातचीत हुई है। डॉक्टर व अन्य सुविधाएं सेना उपलब्ध करवाएगी।
सीएम ने कहा कि हरियाणा में कोविड वैक्सीन डेढ़ प्रतिशत खराब हुई है। यह निर्धारित सीमा में है। एक बार जब वैक्सीनेशन के लिए डोज खोली जाती है तो उसमें 20 से 40 तक इंजेक्शन दिए जा सकते हैं। कई बार शाम के समय इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या कम रहने के कारण खोली गई डोज खराब हो जाती है। निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर बेड के रेट 8000 रुपये से 18,000 रुपये तक निर्धारित हैं। यदि कोई अस्पताल इससे ज्यादा चार्ज करता है तो शिकायत मिलने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बंद नहीं होंगे उद्योग, कोविड मानकों के तहत संचालन करेंगे
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी उद्योग को महामारी के चलते बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में उद्योगों का संचालन निर्धारित कोविड मानकों के अनुरूप करेंगे। श्रमिक प्रदेश छोड़कर कहीं न जाएं, उनका रोजगार बना रहेगा। सरकार उद्यमियों के साथ संपर्क में है, कोई परेशानी नहीं होने देंगे।
फसल खरीद एवं उठान समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने सभी डीसी से गेहूं खरीद और मंडियों से उठान की स्थिति और समस्याओं के बारे विस्तार से जाना। उन्होंने कहा कि यदि कोई ट्रांसपोर्टर 48 घंटे से ज्यादा समय तक उठान सुनिश्चित नहीं करता है तो जिला प्रशासन अपने स्तर पर उठान करवाए। साथ ही उन्होंने मौसम की स्थिति को देखते हुए शेड, तिरपाल आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जलशक्ति मिशन के लिए नोडल अधिकारी लगाएं
मुख्यमंत्री ने जलशक्ति मिशन योजना को मजबूती से लागू करने के लिए जिला स्तर पर नोडल अफसर लगाने को कहा है। विभाग का फोकस बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचय करना रहे। इस योजना की मासिक समीक्षा की जाएगी। तालाबों पर अतिक्रमण की पहचान करने के लिए तालाब प्राधिकरण अधिक से अधिक सहयोग करे।