सेक्टर-27 स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार से संस्कार प्रवचन माला महोत्सव शुरू हुआ।
अंबाला से आये मुनि सागर ने रोहतक से आये लगभग 100 विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपने से होशियार बच्चों से जलन की भावना नहीं रखनी चाहिए, और न ही कमजोर बच्चों पर हंसना चाहिए।
हर दिन नया उत्साह लेकर जीना चाहिए। बड़ों को देखकर बढ़ना और छोटों को देखकर चलना चाहिए।
बड़ों को देखक र अपनी सोच बड़ी रखनी चाहिए, लेकिन जीवन को छोटों को देखकर जीया जाए तो कभी दुख नहीं होगा। जब हमें अहंकार हो तो अपने से बड़े ज्ञानवान, धनवान, प्रवाहवान व्यक्ति को देख लेना चाहिए।
उससे हमारा अहंकार चूर-चूर हो जाएगा। इसी तरह जब हीनता के भाव आएं तो अपने से छोटे वालों को देखना चाहिए।
कभी भी कोई ऐसा काम न करें जिससे माता-पिता और गुरु को अपमानित होना पड़े।