सेक्टर-18 के जैन स्थानक में एस एस जैन सभा की ओर से 23 अगस्त से पर्युषण पर्व का आयोजन हो रहा है। यह 30 अगस्त तक चलेगा। पर्व के आठवें दिन संवतसरी महापर्व के रूप में मनाया जाता है।
आत्म शुद्धि, क्षमा याचना, तप त्याग और संयम और प्रेम से रहने की प्रेरणा देने वाला पर्व को पर्युषण पर्व कहा जाता है। एसएस जैन सभा के प्रचार सचिव नीरज जैन ने बताया कि यह पर्व चतुर्मास में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के चार या पांच दिन के बाद शुरू होता है।
पर्युषण का अर्थ है उपवास यानि आत्मा के भगवान और धर्म के निकट रहना। नीरज जैन ने बताया कि चतुर्मास के लिए विराजित साध्वी गीता कुमारी के सान्निध्य में पर्युषण और संवत्सरी पर्व मनाया जाएगा। इन आठ दिनों में णमोकार महामंत्र का 192 घंटों का अखंड जाप होगा।
सभा के प्रधान पवन जैन ने बताया कि इन आठ दिनों में विभिन्न धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इस धार्मिक प्रतियोगिता उद्देश्य बच्चों और युवाओं में धर्म के प्रति ज्ञान और रुचि पैदा करना और उसे बढ़ावा देना है।