चंडीगढ़ श्रम विभाग अब सीधे तौर पर फैक्ट्रियों में छापेमारी नहीं करेगा। फैक्ट्री संचालक द्वारा यदि श्रम कानूनों का पूरा किए जाने का स्व प्रमाणित प्रमाण पत्र विभाग में दिया जाता है तो विभाग उन्हें छापेमारी के झंझट से राहत देगा।
आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण पर ब्रेक लगाने को लेकर ढाई महीने तक लॉकडाउन रहा। इस दौरान चंडीगढ़ की लगभग 2400 छोटी बड़ी औद्योगिक इकाईयों में भी उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा। इससे उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। उद्यमियों ने श्रम विभाग से लॉकडाउन के बाद कुछ मांगे की थीं। अब श्रम विभाग ने श्रम कानून में उद्यमियों को थोड़ी राहत दी है।
इससे इंस्पेक्टर राज खत्म होगा। उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी। श्रम विभाग से पहले भी यही मांग की जा रही थी।
- अवि भसीन, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़
श्रम कानूनों को पूरा करने के बाद फैक्ट्री संचालकों द्वारा स्व प्रमाणित प्रमाण पत्र दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए फैक्ट्री संचालक को विभाग की ओर से बाध्य नहीं किया जाएगा।
- वरुण बेनीवाल, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, चंडीगढ़