-राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधनों को मंत्रिमंडल की हरी झंडी, पांच नई तहर की मंजूरी भी एक्ट में शामिल
-
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई जिसमें उद्योगपतियों को बड़ी राहत दी गई है। इसमें अब इंडस्ट्रियल पार्क के बाहर भी औद्योगिक इकाई लगाने के लिए विभिन्न विभागों से पांच दिन के अंदर मंजूरी मिलेगी। इसमें पंजाब अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) और स्थानीय निकाय की रियल इस्टेट परियोजनाओं को भी शामिल कर लिया गया है। हालांकि सिर्फ ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी की इंडस्ट्री के लिए ही यह मंजूरी दी गई है। रेड श्रेणी को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पुडा और स्थानीय निकाय के बाहर की जो परियेाजनाएं होंगी उनको 15 दिन में मंजूरी दी जाएगी। साथ ही अगर कोई उद्योग का विस्तार करना चाहता है तो उसे 18 दिन के अंदर मंजूरी मिलेगी। इसके लिए राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसमें इंडस्ट्री की लिमिट को बढ़ाकर भी 25 से 125 करोड़ कर दिया गया है। अगर 125 करोड़ से ऊपर की भी कोई इंडस्ट्री होगी तो उसकी मंजूरी बिजली विभाग से मिलेगी। इसके अलावा पिछले एक्ट के मुकाबले पांच नई मंजूरी को शामिल किया गया है जिसमें लेबर एक्ट की मंजूरी प्रमुख है। फैक्टरी लाइसेंस, उद्योग स्थापित करने की सहमति और संचालन की अनुमति व अनापत्ति प्रमाण पत्र भी शामिल हैं।
पगडंडियों व खालों पर कब्जों के लिए वसूल की जाएगी राशि
बैठक में पंजाब ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसमें ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के तहत आने वाले गांवों में रेवन्यू के रास्ते पगडंडियों और खालों पर कॉलोनाइजरों और अन्य लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। इन पर अब सरकार राशि वसूलेगी। डिप्टी कमिश्नरों की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी जो मार्केट और कलेक्टर रेट्स के हिसाब से एक शुल्क तय करेगी। राजस्व का आधा हिस्सा नगर निकायों और सरकार के पास आएगा। बहुत सी पगडंडियां और खाल पंजाब सरकार की संपत्ति हैं। अब इस योजना के तहत उन सभी कब्जों को नियमित करेंगे। जहां वैकिल्पक रास्ते की जरूरत है और कब्जा है वहां रास्ते की व्यवस्था भी करनी होगी। जिन खालों पर कॉलोनियों, कॉमर्शियल बिल्डिंग दुकानें या अन्य निर्माण करके बेच दिया गए हैं उसमें कॉलोनाइजरों और बिल्डरों से चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा। मंत्रिमंडल ने पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट-1995 की धाराओं में संशोधन करने की भी सहमति दी है। इससे कॉलोनियों, क्षेत्रों का विकास सही और योजनाबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा जिससे आम लोगों को आने वाली समस्याएं कम होंगी।
मोहाली में बनेगी एनआईए की विशेष अदालत
कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित करने का फैसला किया है जहां सेशन जज, वरिष्ठ जिला और सेशन जज स्तर पर एक पद मोहाली में बनाया जाएगा। अभी फिलहाल अलग-अलग अदालतों में एनआईए के मामले चल रहे हैं। एनआईए के सभी केसों का निपटारा इसी अदालत में किया जाएगा। इसका प्रबंधन राज्य सरकार करेगी और केंद्र सरकार समय-समय पर इसके लिए फंड जारी करेगी। एनआईए के अलावा इस अदालत को ईडी, सीबीआई और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई का अधिकार भी होगा।