चंडीगढ़। ...वो माइनस 45 डिग्री तापमान में हाड़-मांस जमा देने वाली रात थी। 18 नवंबर 1962 को लद्दाख की चोटियों में स्थित रेजांग-ला पास पर चार्ली कंपनी ऑफ कुमाऊं (अहीर) रेजिमेंट के 110 सैनिक परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे थे। इंडियन आर्मी की इस कंपनी के पास न तो इस कड़कती सर्दी में गर्म कपड़े थे और न ही बेहतरीन हथियार, लेकिन सैनिकों की टुकड़ी ने भारी बल और संख्या में आए चीनी सैनिकों से डटकर मुकाबला किया और 24 घंटे तक उन्हें रोके रखा। इसके बाद देश के 104 वीर सपूत देश की मिट्टी के लिए कुर्बान हो गए। भारतीय सैनिकों के इस अदम्य साहस और शौर्य की गाथा को भावी पीढि़यों तक पहुंचाने के लिए शहर का प्रसिद्ध थिंक टैंक सुविचार 18 नवंबर को सेक्टर-48बी स्थित बैनियन ट्री स्कूल में ‘रेजांग ला डे’ मनाने जा रहा है। पूर्व आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे और ट्राइसिटी के अन्य समान विचारधारा वाले प्रतिष्ठित नागरिकों के सहयोग से पूर्व सेनाध्यक्ष पीवीएसएम, एवीएसएम जनरल वीपी मलिक द्वारा स्थापित सुविचार के इस आयोजन में तीन परमवीर चक्र विजेता भी शिरकत करने जा रहे हैं। सुविचार के समन्वयक सेवानिवृत्त कर्नल डीएस चीमा ने वीरवार को प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू होकर यह जानकारी रखी। उन्होंने बताया कि पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित कार्यक्रम के मुख्यातिथि होंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस, सशस्त्र बल और न्यायपालिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। कर्नल चीमा ने बताया कि रेजांग ला एक ऐसी लड़ाई थी, जिसने हमारी महान सेना के अदम्य और फौलादी साहस, हिम्मत, वीरता और गौरव का एक असाधारण उदाहरण स्थापित किया है, जिसे दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने कहा कि महान राष्ट्र अपने नायकों को कभी नहीं भूलते और भारत में सशस्त्र बलों के बलिदान का सम्मान करने की परंपरा है। कार्यक्रम में तीन परमवीर चक्र पुरस्कार विजेता, ऑनरी कैप्टन (रिटायर्ड) बाना सिंह, ऑनरी कैप्टन (रिटायर्ड) योगेन्द्र सिंह यादव और सूबेदार-मेजर (रिटायर्ड) संजय कुमार अपनी उपस्थिति से रेजांग ला डे स्मरणोत्सव कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। यह अपनी तरह का पहला आयोजन होगा जहां तीन जीवित दिग्गज एक साथ एक मंच पर होंगे।
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय द्वारा रेजांग ला पर तैयार की गई फिल्म की स्क्रीनिंग शामिल होगी। इस बीच एनसीसी कैडेटों और अन्य छात्रों को परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं से बात करने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और कारगिल युद्ध के दिग्गज मेजर डीपी सिंह, जिन्हें भारत के पहले ब्लेड रनर के रूप में जाना जाता है भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर रिटायर्ड मेजर जनरल वाधवा, यदुवंशी महासभा चंडीगढ़ के महासचिव रघुविंद्र यादव आदि शामिल रहे।