चंडीगढ़। यूटी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के वैकल्पिक मार्ग के जमीन अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। हवाईअड्डे के लिए कम समय वाले इस रास्ते के लिए कुल 34.61 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी हितधारकों के साथ करीब एक माह पहले जमीन के अधिग्रहण को लेकर बैठक कर सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन किन्हीं कारणों से इसका अधिग्रहण लटक गया था। वीरवार को प्रशासक की ओर से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन निगोसिएशन पॉलिसी के तहत भूमि मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा पाने वाले किसानों को चंडीगढ़ में भूमि या भवन की खरीद पर स्टांप और पंजीकरण शुल्क में छूट मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से 2018 में रखा गया था। इसमें 34.61 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें 11.88 एकड़ राजस्व संपत्ति बुड़ैल और 22.73 एकड़ राजस्व संपत्ति चार तरफ बुड़ैल शामिल है। इसके अलावा इन दोनों राजस्व संपदाओं में 3.76 एकड़ भूमि रक्षा मंत्रालय से हस्तांतरित की जाएगी। बता दें कि बातचीत नीति के माध्यम से भूमि अधिग्रहण में कम समय लगता है। इसके तहत दिए जाने वाला मुआवजा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के बराबर है। इसमें भुगतान की तारीख से दो साल की अवधि के भीतर मुआवजे की राशि से चंडीगढ़ में भूमि और भवन की खरीद पर स्टांप और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अलावा इस नीति के तहत अधिग्रहित की जाने वाली भूमि संबंधित प्रशासनिक विभाग के नाम पर पंजीकृत की जाएगी और कोई स्टांप शुल्क, पंजीकरण शुल्क, उपकर आदि नहीं लगाया जाएगा।
जंक्शन 63 से हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए लगेंगे पांच मिनट
नया मार्ग विकास मार्ग (सेक्टर-43 आईएसबीटी से आने वाले) और पूर्व मार्ग (ट्रिब्यून चौक से आने वाले) के टी-प्वाइंट चौराहे से 200 मीटर पहले शुरू करने की योजना है। मौजूदा दौर में लोगों को जंक्शन 63 से हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए 11.5 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। हवाई अड्डे के प्रस्तावित इस नए वैकल्पिक मार्ग से दूरी लगभग 3.5 किमी कम हो जाएगी, वहीं 25 मिनट का सफर पांच मिनट का रह जाएगा।