नए रूट और माइनस 10 डिग्री की हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच रेड द हिमालय रैली की ओवर आल ट्राफी चंडीगढ़ के जगमीत गिल ने जीत ली। रैली ड्राइवर जगमीत गिल का कहना है कि रैली तो काफी चुनौतीपूर्ण थी। लेकिन जीत का जज्बा लेकर और पूरी तैयारी केसाथ ही रैली में उतरा था। इसी के चलते लगातार पांचवीं बार रेड द हिमालय रैली जीतने में कामयाबी हासिल की।
यह रैली देश और विदेशी में होने वाले सबसे टफ रैलियों में से एक मानी जाती है। जगमीत शहीर के एकमात्र अकेले ऐसे ड्राइवर हैं, जिन्होंने टाइम स्पीड डिस्टेंस (टीएसडी) वर्ग में रेड द हिमालय रैली की ओवरऑल ट्राफी जीती है। जगमीत गिल ने रेड द हिमालय रैली को लगातार पांचवीं बार जीतने का रिकार्ड भी बना चुके हैं। इन्होंने 2012, 13 ,14,15,16 पांच बार विजेता ट्राफी को जीता। इस वर्ग में 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
मनाली से 11 अक्तूबर से शुरू हुई रेड द हिमालय रैली दर्जा, केलांग, काजा, धमका, लोसर, कुंजम, पुंग वारी ला से जैसे दुर्गम एरिया से होती हुई लगभग 2200 किलोमीटर का समफर तय करते हुए 15 अक्तूबर को वापस मनाली में आकर खत्म हुई। विजेता बनने केबाद जगमीत गिल ने बताया कि रैली का काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
इनके अनुसार रैली में हिस्सा लेने वालों को उस समय असली परीक्षा का सामना करना पडड़ा जब कुंजम पास और कुंजम पास के पास - 10 डिग्री तापमान पहुंच गया। कंपकंपा देने वाली सर्दी के बीच भी स्टेयरिंग से हाथ नही हटाया और रैली का सफर जारी रखते हुए आगे बढ़ता चला गया।
नेविगेटर की अहम भूमिका
जगमीत केसाथ कोलकता के चंदन सेन रेड द हिमालय रैली में नेविगेटर की भूमिका में रहे। रैली में नेविगेटर का रोल हमेशा से ही अहम रोल रहता है। वह रैली केरूट मैप को हाथों में लिए ड्राइवर को आगे आने वाले मोड़, टर्न के बारे में समय समय पर जानकारी देता रहता हैं।