पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आए एक और युवक की बुधवार रात मौत हो गई। दौड़ के दौरान गश खाकर गिरे सोनीपत जिले के कथूरा निवासी भूपेंद्र ने पीजीआई चंडीगढ़ ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले भी दौड़ के दौरान बेसुध हुए दो युवकों की मौत हो चुकी है। तीन मौतों से हरकत में आए आईजी करनाल रेंज और एसपी कुरुक्षेत्र ने गुरुवार सुबह से भर्ती स्थल का दौरा किया।
भूपेंद्र के भी नशे के सेवन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण सामने आएंगे। इधर पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने भर्ती बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और भर्ती स्थल को बदलने के लिए धरना शुरू कर दिया है।
एचएसएससी की ओर से आयोजित हरियाणा पुलिस भर्ती में शामिल हुए कथूरा गांव निवासी 18 वर्षीय भूपेंद्र की बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे चंडीगढ़ में मौत हो गई। भूपेंद्र शाम को भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुआ था। दौड़ लगाने के दौरान वह गिर कर बेहोश हो गया था।
उसे सेक्टर चार स्थित पॉलीक्लिनिक में लाया गया, जहां से सिविल अस्पताल और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रैफर कर दिया गया था। एंबुलेंस भूपेंद्र को लेकर पीजीआई के गेट तक ही पहुंची थी कि उसकी मौत हो गई।
सुबह से ही जमे आईजी और एसपी
हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया
- फोटो : amar ujala
भूपेंद्र की मौत की सूचना मिलने के बाद से पुलिस और एचएसएससी के अधिकारियों की नींद उड़ गई थी। रात को भूपेंद्र की मौत हुई और गुरुवार को सुबह से ही आईजी सुभाष यादव और एसपी सिमरदीप सिंह भर्ती स्थल पर पहुंच गए। डीसी राजनारायण कौशिक, एसडीएम सतबीर कुंडू व सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार नैन और अन्य मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंची। इन सभी के बीच करीब एक घंटा मीटिंग हुई।
नशे पर नकेल कसने की कवायद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में अधिकारियों ने तीनों अभ्यर्थियों की मौत के कारणों पर चर्चा की गई। बताया जाता है कि मौत का कारण नशे की ओवर डोज ही माना गया। इस पर डीसी और आईजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस बात पर नजर रखी जाए कि अभ्यर्थियों तक नशा कहां से पहुंच रहा है? कौन पहुंचा रहा है? इसके लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इधर पूर्व आईजी बैठे धरने पर
हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया
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भर्ती स्थल को लेकर सवाल उठाने वाले पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने एचएसएससी और हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भूपेंद्र की मौत को भी एचएसएससी की लापरवाही बताते हुए पूर्व आईजी भर्ती स्थल के पास ही कई अभ्यर्थियों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि चार मौत होने के बाद भी प्रशासन नहीं जाग रहा है।
अपनी नाकामी छुपाने के लिए अभ्यर्थियों की मौत नशे से होना बताई जा रही है। जबकि इतनी गर्मी में अभ्यर्थियों के लिए जरा सी भी सुविधा नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है ऐसा पहली बार देखा है कि जून की गर्मी में भर्ती कराई जा रही है। यहां पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
8 दिन में 4 मौत
भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आए अब तक चार अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले 22 जून को भिवानी के राशीखेड़ा निवासी सोनू पुत्र इंद्राज ब्रह्मसरोवर में डूब गया था। सिविल अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई थी। इसके दो दिन बाद ही भिवानी के घुरानी गांव निवासी सोमबीर पुत्र फतेहसिंह की मौत पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते वक्त हो गई थी। 25 जून को हिसार के थुराना गांव के रहने वाले जितेंद्र पुत्र बलमत की मौत कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में हो गई थी।