कई सालों से मुलाजिमों की कमी का सामना कर रहे फायर ब्रिगेड विभाग को आखिर प्रशासन ने आक्सीजन दे दी है। फायर ब्रिगेड में आउटसोसर्सिंग के जरिए 20 मुलाजिम भर्ती किए जा रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। पहले दिन फिजिकल राउंड हुआ। वहीं, अब दस्तावेजों की स्क्रूटनी होगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इस महीने भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, फायर ब्रिगेड में 2009 से पहले ही रेगुलर भर्ती हुई थी। इसके बाद कई बार निगम की तरफ से भर्ती प्रक्रिया की गई। लेकिन, हर बार भर्ती प्रक्रिया पर पक्षपात के आरोप लगे। विजिलेंस जांच तक हुई। इसके बाद इसको कैंसिल कर दिया गया।
इस बार नगर निगम ने विवादों से बचने के लिए चंडीगढ की आउटसोर्सिंग कंपनी ए टू जेड के माध्यम से फायरमैनों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। भर्ती एक साल के लिए की जा रही है। इस दौरान चुने जाने वाले मुलाजिमों को सरकारी रेटों पर भुगतान किया जाएगा।
साठ किलो वजन नहीं उठा पाए कई युवा
भर्ती के लिए फिजिकल राउंड सेक्टर-68 स्थित नगर निगम भवन के सामने स्थित ग्राउंड में हुआ। इस दौरान फायरमैन की भर्ती के लिए आए युवकों की पहले शारीरिक मापदंड हुए। इसके बाद आवेदकों को 60 किलो की बोरी लेकर सौ गज भागना था।
लेकिन, कई युवक भागना तो दूर वजन तक नहीं उठा पाए। इसके बाद सीढ़ी को उठाने का राउंड हुआ। इसके बाद रस्से वाला राउंड हुआ। भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं रखी गई है, पर जो फिजिकल राउंड पास कर पाए है। उनमें कई केवल दसवीं पास हैं।
उपकरण हाईटेक, नहीं थे फायरमैन
जानकारी के मुताबिक, मोहाली फायर ब्रिगेड पूरी तरह हाईटेक है। फायर ब्रिगेड के पास हाइड्रोलिक लैडर से एक से एक रेसक्यू टेंडर और वाटर लांचर हैं। इसके अलावा जीप, बाइक व अन्य उपकरण भी हैं।
लेकिन, मुलाजिम केवल 22 थे। इनमें फायरमैन से लेकर अफसर हैं। विपरीत स्थिति में यह सारे मिलकर काम करते है। लेकिन, कई बार स्थिति काफी विपरीत हो जाती है।