चंडीगढ़। चंडीगढ़ में आढ़तियों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अब भी पांच से छह माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। आढ़तियों की मांग पर पंजाब की तर्ज पर लाइसेंस की अवधि तो 10 वर्ष कर दी गई, लेकिन नवीनीकरण की प्रक्रिया में तेजी नहीं आने से बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। आढ़तियों का कहना है कि लाइसेंस लंबित रहने से उन्हें बैंक से ऋण लेने में दिक्कत आती है। इसका असर मंडी के कमीशन एजेंट, फ्लोर मिल, चक्की संचालकों और सेल-परचेज से जुड़े कारोबार पर भी पड़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर चंडीगढ़ व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक से भी मिला था। इसके बाद लाइसेंस की अवधि 10 वर्ष कर दी गई, लेकिन नवीनीकरण की प्रक्रिया पहले जैसी ही बनी हुई है। मार्केट कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि वर्ष 2008 से नए लाइसेंस बंद हैं। वर्तमान में केवल पुराने लाइसेंसों में परिवर्तन होने की स्थिति में ही नए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा कि अब जब लाइसेंस की अवधि 10 वर्ष कर दी गई है तो नवीनीकरण की प्रक्रिया भी समयबद्ध और तेज की जानी चाहिए, ताकि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।