एक तरफ शिअद प्रमुख सुखबीर बादल ने धूरी उप चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। दूसरी तरफ कांग्रेस में धूरी उप चुनाव से पहले घमासान मच गया है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व सीएम सुरजीत सिंह बरनाला के पोते सिमर प्रताप को उम्मीदवार बनाया है। सिमर के नामांकन में तो पूरी पार्टी एकजुट नजर आई।
लोकसभा में पार्टी के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा एक मंच पर दिखे। अब पार्टी की गुटबाजी एक बार फिर खुल कर सामने आ गई है। बाजवा ने रविवार को चुनाव के संबंध में अहम मीटिंग बुलाई है, जिसमें महासचिव डॉ. शकील अहमद भी शामिल होंगे।
मीटिंग में सीएलपी लीडर सुनील जाखड़, पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्ठल समेत प्रदेश के सभी नेताओं को बुलाया गया है, लेकिन कैप्टन को न्यौता नहीं दिया गया है। इससे कैप्टन गुट खासा नाराज है। यह विवाद अभी थमा नहीं था कि नया विवाद खड़ा हो गया है। धूरी उप चुनाव के लिए पहले राणा गुरमीत सोढी को इंचार्ज बनाया गया था।
बाजवा ने अब विजय इंदर सिंगला को भी समानांतर इंचार्ज बना दिया है। इससे कैप्टन धड़े की नाराजगी और बढ़ गई है। बाजवा केधूरी में कैंप करने के बाद अब कैप्टन ने प्रचार न करने का ऐलान कर दिया है। इस हलकेमें कैप्टन का प्रभाव ज्यादा है। इस धड़े की नाराजगी का खामियाजा उम्मीदवार सिमर प्रताप बरनाला को झेलना पड़ेगा।