मतदान के बाद हरियाणा कांग्रेस में मचा घमासान थम नहीं रहा है। अब अंबाला से कांग्रेस उम्मीदवार राज कुमार वाल्मीकि ने कांग्रेस की दिग्गज और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नजदीकी कुमारी सैलजा के खिलाफ ही सोनिया गांधी को चुनाव प्रचार न करने की शिकायत भेजी है। वाल्मीकि ने पत्र में चौंकाने वाला खुलासा किया है।
वाल्मीकि ने आरोप लगाया है कि कुमारी सैलजा खुद तो अंबाला में चुनाव प्रचार करने नहीं पहुंचीं बल्कि अपने तीनों जिला कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों को भी चुनाव प्रचार से रोका।
वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि पंचकूला से पीसीसी सदस्य प्रताप सिंह के घर पर जब वे पंचकूला जिला कांग्रेस पदाधिकारियों से चुनाव प्रचार करने का आग्रह किया तो उन्होंने शर्त रखी कि पहले मैडम सैलजा से माफी मांगो, उसके बाद वे प्रचार कर सकेंगे। वाल्मीकि ने माफी मांगने से मना कर दिया और उसके बाद कुमारी सैलजा के समर्थक पदाधिकारियों ने चुनाव प्रचार नहीं किया।
वाल्मीकि ने अमर उजाला के पूछने पर बताया कि जिस दिन उन्हें अंबाला से कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित किया, उसी रात उन्होंने दिल्ली स्थित कुमारी सैलजा से फोन पर बात करनी चाही। उनके आवास पर फोन सुनने वाले ने मैडम से बात नहीं कराई और न ही उनका मोबाइल फोन नंबर दिया। वाल्मीकि ने कहा कि इसके बाद हरियाणा की सहप्रभारी आशा कुमारी से आग्रह किया कि कुमारी सैलजा को अंबाला में चुनाव प्रचार के लिए भेजा जाए।
मगर आशा कुमारी ने भी शर्त रख दी कि आप स्वयं ही मैडम को बुलाओ। वाल्मीकि ने उन्हें कहा कि कुमारी सैलजा प्रदेश कांग्रेस की प्रचार समिति की सदस्य हैं, उन्हें स्वयं अंबाला में प्रचार करना चाहिए क्योंकि वे अंबाला से दो बार सांसद रह चुकी हैं।
वाल्मीकि ने कांग्रेस दिग्गजों पर हमला करते हुए कहा कि जब हरियाणा प्रभारी डॉ. शकील अहमद 8 अप्रैल को जगाधरी के छछरौली कस्बे में चुनाव जनसभा संबोधित करने पहुंचे, तब आशा कुमारी का उनके पास फोन आया कि कुमारी सैलजा दोपहर एक बजे अंबाला में कांग्रेस वर्करों की बैठक करेंगी, आप (वाल्मीकि) अंबाला पहुंच जाएं।
वाल्मीकि ने कहा कि वे जनसभा में हैं, अंबाला नहीं पहुंच सकते। अलबत्ता, मैडम सैलजा को आप (आशा कुमारी) अपने साथ लेकर छछरौली पहुंच जाएं। आशा कुमारी ने वाल्मीकि की बात नहीं मानी और सैलजा अंबाला नहीं पहुंचीं। आशा कुमारी स्वयं वर्करों की बैठक कर चली गईं।
वाल्मीकि ने कहा कि अगर बिना बुलाए कुमारी सैलजा प्रचार के आखिरी दिन 8 अप्रैल को पहुंच सकती थीं तो पहले प्रचार करने क्यों नहीं पहुंचीं?
... मुलाना ने लगाया कमल का फूल
हरियाणा कांग्रेस के सात साल तक अध्यक्ष रहे फूलचंद मुलाना भी चुनाव जनसभा में कमल का फूल लगाकर पहुंचे। वाल्मीकि कालका में एक जनसभा को संबोधित कर वोट मांग रहे थे। पंचकूला जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर भी जनसभा में थे। उसी समय फूलचंद मुलाना जनसभा पहुंचे।
उन्होंने अपने कोट पर कमल का ताजा फूल लगा रखा था। देवीनगर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि मुलाना साहिब कमल का फूल अच्छा लग रहा है। मगर मुलाना ने फूल नहीं उतारा। वाल्मीकि ने पुष्टि करते हुए कहा कि मुलाना ने कमल का ताजा फूल लगा रखा था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कमल का फूल लगाने के पीछ मुलाना का क्या मकसद था?