-नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए ऑनलाइन फाॅर्म जारी कर गांवों और वार्ड में कमेटी बनाई जाएंगी
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
चंडीगढ़/अमृतसर। शिअद के बागी नेताओं ने बुधवार को अमृतसर में श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। नतमस्तक होने के बाद बागी नेताओं की करीब तीन घंटे तक बैठक चली। बैठक का नेतृत्व सुधार लहर के कन्वीनर गुरप्रताप सिंह वडाला ने बाकी नेताओं से चर्चा कर यह फैसला लिया की आने वाले दिनों में जिलावार बैठक कर लोक संपर्क अभियान चलाया जा,गा।
नई पीढ़ी को सुधार लहर के साथ जोड़ने के लिए और मुख्यधारा में लाने के लिए ऑनलाइन फाॅर्म जारी कर गांवों और वार्ड में कमेटी गठित की जाएंगी। यह ऑनलाइन फाॅर्म अगले तीन दिनों के अंदर जारी किए जाएंगे। इस बैठक के साथ ही बागी नेताओं ने प्रदेश में अब अपनी वर्किंग शुरू कर दी है, ताकि वह शिअद सुधार लहर को मजबूती से लोगों के बीच पहुंचा सकें। इसके अलावा बैठक में पंजाब सरकार के बिगड़ते आर्थिक हालात को लेकर चर्चा की गई, कन्वीनर गुरप्रताप सिंह वडाला ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने रोजाना खर्चे और कामकाज के लिए अब ऋण का सहारा लेना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने पंजाब का करोड़ों रुपये फंड रोका रखा है, जिससे प्रदेश की स्थिति खराब होती जा रही है।
पार्टी का नेतृत्व बदलने की जरूरत
कन्वीनर गुरप्रताप वडाला ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि शिरोमणि अकाली दल को बचाने के लिए पार्टी का नेतृत्व बदलने की जरूरत है। पार्टी लगातार शिकस्त का सामना कर रही है। पार्टी की गलतियों की वजह से लोगाें ने शिअद का साथ छोड़ दिया है। वडाला ने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली है, वह भी केवल पार्टी का नेतृत्व कर रहे परिवार से ही है। ऐसे में यह चिंता का विषय है कि अकाली दल का भविष्य क्या होगा। यहां तक की वडाला ने शिअद प्रमुख सुखबीर बादल की ओर से गठित की नई संसदीय कमेटी पर तंज कसते हुए कहा कि अध्यक्ष को सबसे पहले झूंदा कमेटी की सिफारिशों को लागू करना चाहिए, जिसमें झूंदा कमेटी ने पार्टी नेतृत्व को बदलने की सिफारिश की थी।