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सारे दावे हवा हवाई: चंडीगढ़ में निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पंजीकृत हजारों लाभार्थी लाभ से वंचित

Sat, 08 Feb 2025 03:58 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत रिकॉर्ड जांच में यह पाया गया है कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन प्रोग्राम के अंतर्गत मरीज को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत मिलने वाले आर्थिक लाभ के साथ मरीजों से जुड़ी जानकारी देने वाले सहयोगियों को मिलने वाले पैसे का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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टीबी - फोटो : ani
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विस्तार
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राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे 100 दिवसीय जागरूकता अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लगातार कार्यक्रम कर रहा है। हर तरह से अभियान को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कार्यक्रम की सफलता से जुड़ी हकीकत बिल्कुल अलग है। 

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स्थिति यह है कि सरकार की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए चलाई जा रही विभिन्न आर्थिक योजनाओं के लाभार्थियों को विभाग लाभ से वंचित किए हुए हैं। इस हकीकत की पुष्टि सेंट्रल ऑडिट की रिपोर्ट में हुई है। इसमें बताया गया है कि नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत रिकॉर्ड जांच में यह पाया गया है कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन प्रोग्राम के अंतर्गत मरीज को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत मिलने वाले आर्थिक लाभ के साथ मरीजों से जुड़ी जानकारी देने वाले सहयोगियों को मिलने वाले पैसे का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत आधार का उपयोग करते हुए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण भारत सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन रणनीति के अनुरूप सभी टीबी रोगियों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। 

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निक्षय पोर्टल (राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत टीबी नियंत्रण के लिए वेब सक्षम रोगी प्रबंधन प्रणाली) को पीएफएमएस और यूआईडीएआई के साथ एकीकृत किया गया, ताकि टीबी रोगियों और प्रदाताओं को लाभ सीधे प्रभावी रूप से हस्तांतरित किया जा सके। 

इस योजना के अंतर्गत एक अप्रैल 2018 को या उसके बाद अधिसूचित सभी टीबी रोगियों को प्रोत्साहन दिया जाना था (इस तिथि से कम से कम एक महीने तक उपचाराधीन सभी मौजूदा टीबी रोगियों सहित)। टीबी रोगियों को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जानी थी। 

अधिसूचना के समय 1000 रुपये और उसके बाद प्रति उपचार माह 500 रुपये किस्तों में अग्रिम भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा सूचना देने वालों, अधिसूचना और परिणामों के लिए प्रोत्साहन राशि 500 रुपये या सूचना देने वालों के लिए 500 रुपये निर्धारित की गई लेकिन इस मानक का पालन नहीं किया जा रहा है। ऑडिट टीम का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चंडीगढ़ में रखे गए रिकार्ड की नमूना जांच के दौरान यह पाया गया कि पात्र मरीजों व प्रदाताओं और लाभ प्राप्त करने वालों के बीच काफी अंतर था। ये अंतर कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है।

योग्य लाभार्थी भी निराश

योजना के अंतर्गत 2018 से 2023 के बीच की ऑडिट जांच के दौरान यह पाया गया है कि जिन मरीजों के बैंक डिटेल मान्य थे, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं, जागरूकता व अभियान की सफलता में सहयोग करने वाले योग्य लाभार्थी भी काफी संख्या में लाभ से वंचित रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोविड के दौरान काफी लाभार्थी अपने स्थानीय निवास स्थान पर लौट गए थे, इस कारण लाभ से वंचित रहे। इसके साथ ही काफी मरीजों ने अपना पता और बैंक अकाउंट गलत लिखवाया है जिस कारण उन तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।

निक्षय पोषण योजना (एनपीवाई) का विवरण यूं है

वर्ष               पात्र मरीज              भुगतान
2018               8319               5754
2019              11810              9070
2020              11810              10293
2021              13850              12515
2022              15267              13615
2023              12751               8978

सहयोग करने वाले भी निराश
साल            योग्य लाभार्थी            भुगतान

2019               144                  99
2020               361                 309
2021               325                 276
2022               479                 248
2023              1385                 452
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