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जिस ऑटो गैंगरेप केस में बेगुनाह ने काटी 16 महीने सजा, उसके असली आरोपी दोषी करार

Fri, 02 Aug 2019 01:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ सेक्टर-29 में जंगल के पास हुए ऑटो गैंगरेप मामले में जिला अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। यह फैसला एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एडं सेशन जज पूनम आर जोशी ने गुरुवार को सुनाया। दोनों दोषियों की पहचान अंबेडकर नगर (यूपी) निवासी मोहम्मद इरफान और सीमापुरी (दिल्ली) निवासी कमल हसन के रूप में हुई है। 

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आरोपियों पर आईपीसी की धारा 376 डी, 376 (2जी) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। सजा का फैसला कोर्ट ने 7 अगस्त तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। खास बात यह है कि इस केस में एक बेगुनाह 16 महीने की सजा काट चुका है, जिसे बाद में बरी कर दिया गया था। अब असली गुनहगारों को दोषी करार दिया गया है।

मामला 13 दिसंबर 2016 का है। 21 वर्षीय पीड़िता ड्यूटी के बाद अपने घर जा रही थी। पीड़िता ने पिकाडली चौक से घर जाने के लिए ऑटो लिया। ऑटो में पहले से ही दो व्यक्ति सवार थे। एक ऑटो चला रहा था जबकि दूसरा पीछे बैठा था। रास्ते में चालक ने सुनसान जगह पर ऑटो रोक लिया और बताया कि कुछ खराबी आ गई है। 

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इसके बाद वह ऑटो को ठीक करने का नाटक करने लगा। इसी बीच ऑटो में पीछे बैठे आरोपी ने पीड़िता को धक्का मारा और चाकू निकालकर पीड़िता को धमकाया। बाद में दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं आरोपियों ने इस कुकृत्य का वीडियो भी बनाया और पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को भी बताया तो वह उसका वीडियो वायरल कर देंगे। 

पीड़िता ने घर जाकर सारी घटना अपनी मां को बताई। मां ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पीड़िता के बताने पर आरोपियों के स्कैच ऑटो स्टैंड पर लगाए गए। जांच के बाद कमल हसन को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। रेप के एक अन्य केस में जेल में बंद आरोपी मोहम्मद इरफान को पीड़िता ने टीआईपी के जरिए पहचाना, जिसके बाद उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर तीन दिन का रिमांड लिया गया। 
 
ऐसे हुआ था असली आरोपी का खुलासा 

इस मामले में पुलिस ने वसीम मलिक नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उसका ट्रायल भी शुरू हो गया था। उसके कुछ महीने बाद एक और गैंगरेप की वारदात होती है। इसमें पुलिस ने इरफान को गिरफ्तार किया।

जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि हल्लोमाजरा में भी उसने एक युवती का रेप किया था। इससे पुलिस के कान खड़े हुए तो उस मामले की दोबारा जांच हुई और पीड़िता को पहचान के लिए बुलाया गया। पीड़िता ने आरोपी को पहचान लिया। जब यह वारदात हुई थी तो उस दौरान पीड़िता ने दावा किया था कि वह आरोपी को लेकर पूरी कंफर्म नहीं है।  
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बेगुनाह वसीम ने 16 महीने काटी सजा 

इस केस में 17 दिसबंर 2016 को सेक्टर-52 के एक व्यक्ति वसीम मलिक को भी गिरफ्तार किया गया था। इस केस में पुलिस ने पहले तो वसीम मलिक को आरोपी बनाया। करीब एक साल बीत जाने के बाद केस में नया मोड़ आया और पुलिस ने मोहम्मद इरफान नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। इस दौरान पीड़ित ने इरफान की कोर्ट में पहचान कर ली। 

इरफान का डीएनए सैंपल भी मैच हो गया। जिसके बाद पुलिस ने इरफान की निशानदेही पर एक और आरोपी कमल हसन को दिल्ली से गिरफ्तार किया। असली गुनाहगार पकड़े गए तो वसीम का नाम केस से हटाने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दी। इस केस में पुलिस की लापरवाही के चलते वसीम को 16 महीने जेल में सजा काटनी पड़ी। वसीम मलिक को अपनी बेगुनाही साबित करने में करीब दो साल लग गए। 
 
रेप केस में पहले ही 20 साल की सजा काट रहा है मोहम्मद इरफान
इससे पहले आरोपी मोहम्मद इरफान को 27 अगस्त 2017 को रेप के एक अन्य मामले में 20 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। एफआईआर के अनुसार मोहाली निवासी पीड़िता टाइपिंग क्लास से मोहाली लौट रही थी। उसने घर जाने के लिए ऑटो लिया था। ऑटो में पहले से तीन आरोपी सवार थे। सेक्टर-53 सुनसान एरिया में तीनों ने पीड़िता से रेप किया। 
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