केंद्रीय सुरक्षा बलों के अलावा खुफिया एजेंसी से लेकर काउंटर इंटेलीजेंस की टीम भी सड़क पर थीं। जालंधर के पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल, डीआईजी जालंधर रेंज स्वप्न शर्मा खुद पूरे ऑपरेशन को देख रहे थे। 12 बजे तक पुलिस को साफ हो गया था कि अमृतपाल भाग गया है लेकिन वह नंगल अंबियां गांव में मौजूद था। 18 मार्च को ही वह बाइक पर गुलाबी पगड़ी पहनकर नंगल अंबियां से पपलप्रीत सिंह के साथ निकला था। इसके बाद गांव इस्माइलपुर से होकर महिसमपुर होकर बाइक से करीब 45 किलोमीटर दूर दारापुर (बिलगा) तक पहुंचा।
पंक्चर बनवाने के बाद छोड़ी बाइक, दूसरी बाइक छीन कर आगे निकला
महिसमपुर से दारापुर के बीच रास्ते में उसकी बाइक का टायर पंक्चर हो गया था। उसने एक दुकान पर पंक्चर बनवाया। गांव इस्माइलपुर से रास्ता महिसमपुर से होकर राजोवाल और गुरसियां पीरा पहुंचता है फिर तलवण का इलाका शुरू हो जाता है। तलवण काफी बड़ा कस्बा है और वहां पर आवाजाही भी रहती है। वहां से गांव उप्पल भूपा होते हुए अमृतपाल बिलगा पहुंचा।
बिलगा बड़ा कस्बा है। यह बाइक उसने नहर के पास ही छोड़ दी। यहां अमृतपाल सिंह ने एक और बाइक छीनी और पपलप्रीत के साथ आगे 10 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे तक पहुंचा। यहां से दोनों लुधियाना के निकट हार्डी वर्ल्ड के करीब पहुंचे और ऑटो में बैठकर आगे निकले। गांव बिलगा के रहने वाले रोहित व कमल का कहना है कि उनको तो पता ही नहीं चला कि इलाके में अमृतपाल सिंह आया था, यह तो कल पुलिस वालों ने मोटरसाइकिल बरामद किया तो गांव दारापुर की चर्चा शुरू हुई।