पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने दो मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया है। मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर से तीन विभाग वापस ले लिए गए हैं, जबकि कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। अब उनके पास कुल सात विभाग होंगे। विभागों के बदले जाने को बीते दिनों हाईकोर्ट से अवैध खनन पर लगी फटकार से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री की सिफारिश पर मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल ने मुहर लगा दी। गुरमीत सिंह मीत हेयर अब केवल खेल व युवा सेवाएं विभाग ही देखेंगे और उनसे जल स्रोत विभाग, साइंस टेक्नोलॉजी एवं पर्यावरण, खनन एवं भू-विज्ञान विभाग वापस ले लिए गए हैं। इनमें से खनन एवं भू-विज्ञान और जल स्रोत विभाग चेतन सिंह जौड़ामाजरा को दिए गए हैं, जबकि साइंस टेक्नोलॉजी एवं पर्यावरण विभाग मुख्यमंत्री ने अपने अधीन रख लिया है। इस तरह जौड़ामाजरा के पास अब सात विभाग हो गए हैं। अब तक वह रक्षा सेवाएं कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी, बागवानी, सूचना एवं जनसंपर्क और भूमि एवं जल संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
मुख्यमंत्री के पास अब 11 विभाग
इस फेरबदल के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने अधीन कुल 11 विभाग- सामान्य प्रशासन, गृह मामले व न्याय, परसोनल, विजिलेंस, सहकारिता, उद्योग एवं कॉमर्स, जेल, कानून एवं विधायी मामले, नागरिक उड्डयन, आवास एवं शहरी विकास और साइंस टेक्नोलॉजी व पर्यावरण रखे हैं।
अवैध खनन ने दिया मीत हेयर को झटका
मुख्यमंत्री के करीबी मंत्रियों में गिने जाने वाले गुरमीत सिंह मीत हेयर को ताजा फेरबदल में बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार आनंदपुर साहिब क्षेत्र में 18 एकड़ भूमि पर अवैध खनन का खुलासा हुआ है। यह जमीन ड्रग तस्कर जगदीश भोला की है और प्रवर्तन निदेशालय ने इसे सात साल पहले जब्त कर चुका है। खनन माफिया ने यहां इतनी खुदाई की है कि जमीन से पानी बाहर आ गया है।
इस बारे में न तो खनन विभाग को और न ही प्रवर्तन निदेशालय को भनक लग सकी। मामला सार्वजनिक होने पर जब खनन मंत्री मीत हेयर से सवाल पूछे गया तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह जांच का विषय है। हो सकता है कि यह अवैध खनन चार-पांच साल से चल रहा हो। माना जा रहा है कि अवैध खनन पर हो रही किरकिरी के बीच मंत्री का बयान खासतौर पर मुख्यमंत्री को पसंद नहीं आया और उन्होंने मंत्री से विभाग ही वापस ले लिया।