पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री रजिया सुलताना
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पंजाब की पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री रजिया सुलताना के पति और 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा के तबादला आदेश मंगलवार को पंजाब सरकार ने रद्द कर उन्हें फिर से डीजीपी मानवाधिकार आयोग लगा दिया है। दो दिन पहले ही मुस्तफा का तबादला कर उन्हें डीजीपी होम गार्ड एंड सिविल डिफेंस का जिम्मा सौंपा गया था।
माना जा रहा है कि मुस्तफा के तबादले और उन्हें कम अहमियत वाला विभाग दिए जाने से राज्यमंत्री रजिया सुलताना भी नाराज थीं और उन्होंने इस बाबत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से बात की। उसके बाद ही यह तबादला रद्द हुआ। सूत्रों के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रजिया सुलताना की बात सुनने के बाद उन्हें कहा कि वे तो यह मान रहे थे कि उनके पति को डीजीपी होमगार्ड का पद पसंद आएगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बीते शनिवार को मोहम्मद मुस्तफा को डीजी मानवाधिकार का अतिरिक्त चार्ज देते हुए डीजीपी होमगार्ड एंड सिविल डिफेंस लगाया था।
डीजीपी बनाए जाने की थी चर्चा :
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनते ही यह चर्चा तेज हो गई थी कि मोहम्मद मुस्तफा सूबे के अगले डीजीपी हो सकते हैं। रजिया सुलताना को जीत की बधाई देने पहुंचे लोगों से इस बारे में खुद मुस्तफा को भी कई बार यह कहते सुना गया था। वैसे भी मुस्तफा कांग्रेस से अपने परिवार के संबंधों के कारण बीते दस साल तक बादल सरकार के समय पुलिस मुख्यालय से दूर ही रखे गए थे।
कैप्टन कैबिनेट में एकमात्र मुस्लिम महिला :
तीसरी बार विधायक बनीं रजिया सुलताना पंजाब मंत्रिमंडल में शामिल एकमात्र मुस्लिम महिला हैं। राज्यमंत्री के रूप में उन्हें पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग का स्वतंत्र कार्यभार दिया गया है।