पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लगातार आंदोलन बढ़ता जा रहा है।
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आंदोलन अब उस मोड़ पर पहुंच गया है जहां अब सब कुछ आर पार की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है। तीन महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लगातार आंदोलन बढ़ता जा रहा है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि अब वहां पर कई हिस्सों में जरूरतमंदों को न दवा मिल पा रही है न ही बच्चों को दूध मिल पा रहा है। स्कूलों में पढ़ाई ठप हो चुकी है। अगर कोई स्कूल में पढ़ने या सामान खरीदने के लिए बाजार भी जाता है तो उसके ऊपर पाकिस्तान सरकार कहर बरपाती है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आंदोलन कर रहे लोगों से अमर उजाला ने फोन से बात की तो उनका यह दर्द सामने आया। वहीं तीन सितंबर को रावलकोट में पुलिस ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर हिंसा भड़काने और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने के आरोप के बाद सुधनोटी जिले के तहसील मुंग में प्रदर्शनकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर अपनी मंशा साफ कर दी।
लेकिन लोग पीछे हटने को तैयार नहीं
प्रदर्शन में शामिल जीशान ने फोन पर बताया कि इतनी लंबी लड़ाई हो चुकी है हुक्मरानों से कि अब पीछे हटने की कोई जगह ही नहीं है। अब जो होगा आर या पार होगा। उन्होंने बताया कि इलाके में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार किया जा रहा है। जीशान के मुताबिक लंबे समय से चल रहे धरने और प्रदर्शनों ने अब आम लोगों के भीतर और नाराजगी बढ़ा दी है। वह कहते हैं कि लोगों पर अब इस कदर जुल्म ढाया जा रहा है कि उनके जरूरत के सामान तक घरों में पहुंचने नहीं दिए जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाइयां बंद हो चुकी है। स्कूल के रास्तों में सुरक्षाकर्मी दहशतगर्दी फैला रहे हैं। बच्चे घरों में कैद हैं।
रास्तों में खड़े सुरक्षाकर्मी धमकाते हैं
पिछले कई महीनों से प्रदर्शन में शामिल मुंग के इमरान ने भी फोन पर हुई बातचीत में पाकिस्तान प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर इतना जुल्म किया जा रहा है कि उसके बाद लोगों का धैर्य टूट रहा है। वह कहते हैं कि घरों में जरूरत की चीजें खत्म हो जाती हैं लेकिन इलाके में मौजूद सुरक्षाकर्मी परेशान करने की नियत से उनको वो सामान तक लाने नहीं देते। कई इलाकों में बच्चों को दूध से लेकर खाने पीने की चीजों के लिए तरसना पड़ता है। जब घर वाले ये लेने जाते हैं तो पाकिस्तान के सुरक्षाकर्मी उनको धमकाते हैं और मारकर भगा देते हैं।
मशाल जुलूस से गर्म हो रहा पाकिस्तान
मशाल जुलूस से अब गर्म हो रहा है पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर चार सितंबर को तहसील मुंग में निकला मशाल जुलूस इस पूरे घटनाक्रम का अहम संकेत माना जा रहा है। तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे आंदोलन के बीच स्थानीय स्तर पर ऐसे आंदोलन यह बताते हैं कि सरकार के दमन के बाद भी आंदोलन लगातार तेजी पकड़ता जा रहा है जो कि अब गंभीर स्थितियों को बता रहा है। रक्षा मामलों के जानकार जानकार रिटायर्ड कर्नल हरमीत सिंह सोंधी कहते हैं कि पाकिस्तान को भी इस बात का अंदाजा है कि यह आंदोलन अब उनके हाथ से बाहर जा रहा है।