Ravneet Singh Bittu Resignation: केंद्रीय मंत्रिपरिषद से रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे से पंजाब भाजपा की नई चुनावी बिसात तैयार हो रही है। भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेगी। बिट्टू को जाट सिख चेहरे के तौर पर बड़ी भूमिका की तैयारी की जा रही है।
केंद्रीय मंत्रिपरिषद से रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे ने पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही फिलहाल केंद्र सरकार में पंजाब का कोई मंत्री नहीं बचा है। राजनीतिक हलकों में इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन
रवनीत सिंह बिट्टू रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री थे। जून 2026 में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। हालांकि संवैधानिक प्रावधानों के तहत वह सांसद न रहते हुए भी 21 दिसंबर 2026 तक मंत्री बने रह सकते थे लेकिन उन्होंने पहले ही पद छोड़ दिया।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा अब बिट्टू को पंजाब में प्रमुख चुनावी चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। स्वयं बिट्टू भी संकेत दे चुके हैं कि अब उनका पूरा ध्यान पंजाब की राजनीति पर रहेगा और वह विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
विज्ञापन
Trending Videos
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते होने के कारण भाजपा उन्हें अपने प्रमुख जाट सिख चेहरे के रूप में पेश करना चाहती है। इस्तीफे से एक दिन पहले बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर पंजाब की लंबित रेलवे आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने का आग्रह किया था।
ऐसे में उनके पद छोड़ने के बाद इन परियोजनाओं के समन्वय पर भी नजर रहेगी। माना जा रहा है कि अब वह आम आदमी पार्टी सरकार और कांग्रेस के खिलाफ और आक्रामक राजनीतिक अभियान चलाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा केवल मंत्री पद छोड़ने का फैसला नहीं बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
क्यों अहम है बिट्टू का इस्तीफा
बिट्टू के इस्तीफे के बाद मोदी मंत्रिपरिषद में पंजाब का प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। वहीं भाजपा ने हाल ही में तरुण चुघ को राज्यसभा भेजा है। ऐसे में भविष्य में मंत्रिपरिषद के विस्तार या फेरबदल के दौरान पंजाब से नए चेहरे को मौका मिलने की संभावना पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पंजाब की राजनीति में बढ़ेगी सक्रियता
रवनीत सिंह बिट्टू हाल के महीनों में कानून-व्यवस्था, नशे के कारोबार और अकाल तख्त से जुड़े मुद्दों पर भगवंत मान सरकार को लगातार घेरते रहे हैं। माना जा रहा है कि मंत्री पद छोड़ने के बाद वह पूरी तरह पंजाब की राजनीति पर फोकस करेंगे और विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख प्रचारक की भूमिका निभाएंगे।