चंडीगढ़। सेक्टर-20 की रामलीला में रावण की रौबदार आवाज और अट्टहास अगले वर्ष शायद ही सुनने को मिले। आजाद ड्रामाटिक क्लब रामलीला और दशहरा कमेटी के स्टेज पर रावण का किरदार निभाने वाले अशोक चौधरी के गले की नसों में क्लॉटिंग हो गई है। इससे उनके गले पर बुरा असर पड़ रहा है। अशोक चौधरी को डॉक्टर ने तेज आवाज में बोलने और अट्टहास करने से मना कर दिया है। अशोक चौधरी का कहना है कि डॉक्टर का कहना है कि अधिक हंसी और तेज आवाज के कारण ही गले की नसों में क्लॅाटिंग हुई है। यह क्लॉटिंग धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। डॉक्टर ने पिछले वर्ष ही इलाज के लिए कहा था लेकिन उन्होंने लापरवाही कर दी। इसके कारण परेशानी अधिक हो गई है।
बता दें कि अशोक चौधरी के रावण का रोल देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। उनका दमदार बॉडी लैंग्वेज, डायलॉग और हंसी लोगों को खूब भाती है। इस वर्ष 27 सितंबर को रामलीला का शुभारंभ करते हुए अशोक चौधरी का गला बैठ गया था। इसके कारण काफी परेशानी हुई। डॉक्टर से जब दिखाया गया तो उन्हें तुरंत आपरेशन की सलाह दी।
अशोक चौधरी पिछले कई वर्षों से रावण का रोल कर रहे हैं जबकि बीते 26 वर्ष से रामलीला में किरदार निभा रहे हैं। इस क्लब के मंच से विभिन्न पात्रों का अभिनय किया। वर्षों तक इन्होंने राम बनकर अपनी अभिनय का लोहा मनवाय और अब रावण बन लोगों को डरा रहे हैं। अशोकचौधरी बताते हैं कि वे सात वर्षों तक राम का रोल किया अब रावण का रोल कर रहे हैं। उनका कहना है कि रावण का रोल कठिन है हर कोई रावण का रोल नहीं कर सकता वे तो इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। महासभा ने इन्हें बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी दे चुकी है। वे हरियाणा के पीडब्लयूडी में कार्यरत हैं। अशोक चौधरी का कहना है कि उन्होंने राम, रावण, मेघनाद, भरत, दशरथ और कौशल्या का रोल किया है। उनका कहना है कि वे रामलीला से वर्ष 1984 से जुड़े हैं।