पूरे प्रदेश में इस योजना की तमाम तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लागू की जाएगी। इस योजना में यदि कोई लाभार्थी परिवार दूसरे राज्य में रहता है और उसके कुछ सदस्य अपने कामकाज के चलते हरियाणा में रहते हैं। वे अपने हिस्से का राशन यहां हरियाणा के राशन डिपो से ले सकेंगे।
इस योजना का सेंट्रलाइज्ड सिस्टम होने से संबंधित राज्य को मालूम चल जाएगा कि संबंधित परिवार के कुछ सदस्यों ने दूसरे राज्य में अपने हिस्से का राशन ले लिया है। ये सारी प्रक्रिया आधार से लिंक होगी। लाभार्थी दूसरे राज्यों से आए मजदूर, कामकाजी, किसान व अन्य हो सकते हैं।
इस योजना के तकनीकी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। सभी राज्यों से उनके लाभार्थियों का डाटा भी एकत्रित करना है। राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू होने के बाद हरियाणा में रहने वाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत लाभार्थी प्रवासियों को बहुत फायदा मिलेगा। इससे वे हरियाणा के किसी भी राशन डिपो से अपना वह राशन ले सकेंगे, जो उनकी राज्य सरकार उन्हें प्रदान करती है। एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना का हिस्सा बनने के लिए भी हरियाणा सरकार जरूरी तैयारियों को मुकम्मल करने में जुटी है। - पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग