फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेमिसालः शौक की कोई कीमत नहीं, इस हेड कांस्टेबल की कलेक्शन में कई नायाब सिक्के देखिए

Mon, 03 Dec 2018 02:25 PM IST
संजीव पंगोत्रा, न्यूज डेस्क, चंडीगढ़
विज्ञापन
सिक्कों की कलेक्शन
विज्ञापन
किसी ने सच ही कहा कि शौक की कोई कीमत नहीं होती। चंडीगढ़ में रहने वाले हेड कांस्टेबल विजय कुमार की कलेक्शन में कई नायाब सिक्के हैं। विजय को पुराने सिक्के को जमा करने का शौक है। वह पिछले 26 सालों से अलग अलग किस्मों के सिक्के इकट्टे करने में लगे हुए हैं। उनके पास आजादी से पहले के 24 सिक्के भी हैं।
विज्ञापन


वहीं सबसे पुराना सिक्का 1908 में का क्वार्टर आना भी है। विजय कुमार के पास अभी तक 158 तरह के विभिन्न किस्मों के सिक्के हैं। उनके पास 56 विदेशी सिक्के भी हैं। इसके अलावा विजय के पास कई प्रकार के नोट भी हैं। सिक्के और विभिन्न चिन्हों वाले नोट एक डायरी में संभाल कर रखे हैं।
विज्ञापन

अखबार में खबर पढ़ने के बाद जागा शौक

नोटों की कलेक्शन
विजय कुमार पेशे से चंडीगढ़ पुलिस में हैंड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि जब वे छोटे थे तो एक अखबार में एक शख्स के पास 1 रुपये के विभिन्न आकार और चिन्हों वाले नोट इकट्ठे करने की खबर पढ़ी। तब से उन्होंने भी सिक्के इकट्ठे करने शुरू कर दिए। विजय कुमार के पास आजादी से पहले की ब्रॉस से बने सिक्के भी हैं जिन्हें उन्होंने बड़े शौक से एक डायरी में लगा रखा है।

इनमें क्वार्टर आना काफी दर्लुभ है। वहीं आजादी के बाद के चांदी के सिक्के भी हैं, जोकि विभिन्न अकार और चिन्हों से बने हुए हैं। विजय कुमार ने बताया कि वह रायपुर खुर्द के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया आजादी से पहले के कई सिक्के उन्होंने अपने दादा दादी से लिए। वहीं घर में बने पूजा स्थल से भी कुछ सिक्के लिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें