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साध्वियां पहुंचीं हाईकोर्ट, बोलीं- राम रहीम को 20 साल नहीं, उम्रकैद की सजा हो

Thu, 05 Oct 2017 09:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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गुरमीत राम रहीम
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डेरा सच्चा सौदा की जिन दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में सीबीआई अदालत ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है, साध्वियां इस सजा को पर्याप्त नहीं मान रहीं। इन साध्वियों में से एक ने बुधवार को डेरामुखी की 10-10 साल की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
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एक साध्वी ने एडवोकेट नवकिरण सिंह के जरिये हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि वह डेरामुखी को अपना पिता मानती थी, लेकिन जिसे पिता समान माना, उसी ने उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।

याचिका में कहा गया कि यह सिर्फ यौन शोषण का मामला नहीं है बल्कि विश्वासघात का भी मामला है। याचिका में साध्वी ने कहा है कि डेरामुखी ने उसके साथ तब यौन शोषण किया, जब वह डेरामुखी के कब्जे में थी। ऐसे में डेरामुखी को उसके मामले में दोषी करार देकर 10 वर्ष की सजा देना बहुत कम है। 
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सीबीआई कोर्ट में भी सख्त सजा देने की मांग की थी

राम रहीम के साथ हनीप्रीत
 पीड़िता ने याचिका में यह भी कहा कि डेरामुखी उसके भाई रंजीत सिंह की हत्या का भी आरोपी है। डेरामुखी ने रंजीत सिंह की हत्या तब करवा दी थी, जब उसे यह अंदेशा हुआ था कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे गए पत्र के पीछे रंजीत सिंह का ही हाथ है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले का खुलासा करने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का भी डेरामुखी ही आरोपी है, क्योंकि छत्रपति ने अपने अखबार में डेरे के बारे में इन सारी बातों का खुलासा किया था।

सीबीआई कोर्ट में भी सख्त सजा देने की मांग की थी
 याचिका में पीड़िता ने कहा है कि उसने डेरामुखी को दोषी करार देकर सजा सुनाए जाने के समय भी सीबीआई से डेरामुखी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की थी, लेकिन सीबीआई अदालत ने डेरामुखी को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई, जो बहुत कम है। बुधवार को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दायर की गई उक्त याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है।
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