दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला की अदालत में ट्रायल शुरू हो गया।
सुनवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनिल कौशिक समेत चार लोगों के बयान दर्ज हुए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनिल कौशिक ने दर्ज बयानों में कहा कि पीड़िता व शिकायतकर्ता छात्रा के बयान उन्होंने ही दर्ज किए थे।
वहीं, खुड्डा लाहौरा स्कूल की टीचर जगदीश कौर और स्कूल के अकाउंटेंट नरेश छात्रा की उम्र और हाजिरी का रिकार्ड लेकर अदालत में पहुंचे।
जगदीश कौर ने अदालत में कहा छात्रा ज्यादातर स्कूल से गैर हाजिर रहती थी। वहीं अकाउंटेंट नरेश कुमार ने बयानों में कहा कि स्कूल रिकार्ड के मुताबिक लड़की की उम्र 17 साल है।
सेक्टर-15 के दुकानदार धर्मवीर ने अदालत के बयानों में कहा कि पीड़िता लड़की उसकी दुकान पर काम करती थी। लड़की पूरे महीने में दस से 15 दिन ही काम पर आती थी। अदालत ने बयान दर्ज करने के बाद मामले में अगली सुनवाई 21 मार्च के लिए तय की है।
गौरतलब है कि खुड्डा लाहौरा निवासी दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को चंडीगढ़ पुलिस के पीसीआर और क्राइम ब्रांच में तैनात पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत दी थी।
इस पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस विभाग ने पांचों कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त किया था।
डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने 21 फरवरी को पांचों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। अदालत ने मामले में अक्षय सुनील केखिलाफ दुराचार, पद का दुरुपयोग करना और पास्को एक्ट के तहत, जगतार, हिम्मत और अनिल पर छेड़छाड़ और पास्को एक्ट के तहत आरोप तय किए थे।