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छात्रा को कुंवारी मां बनाने वाले बुजुर्ग को कर्मों की सजा

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14 साल की छात्रा को कुंवारी मां बनाने वाले बुजुर्ग को आखिरकार कोर्ट ने उसके कुकर्मों की सजा दे ही दी। अभियुक्त 57 वर्षीय निहाल सिंह को उम्रकैद की सजा हुई है। हरियाणा के हिसार में न्यायाधीश अलका मलिक की कोर्ट ने दोषी को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 17 सितंबर 2014 को बरवाला थाना में निहाल सिंह के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज करवाया गया था। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने बुधवार को उसे दोषी करार दे दिया।

वीरवार को अभियुक्त को धारा 376 (2) आई में उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माना, 376 एन में उम्रकैद दस हजार रुपये जुर्माना, 506 में पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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यह था मामला

दुराचार मामले के बारे में परिवार को तब पता चला जब छात्रा के पेट में दर्द हुआ। वे छात्रा को जब डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने छात्रा के गर्भवती होने की बात कही। इस पर जब परिजनों ने पूछा तो छात्रा ने पूरा मामला बताया। उसने बताया था कि वह डरी हुई थी और अभियुक्त उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। मामले के बारे में जब परिजनों को पता चला उस वक्त छात्रा का गर्भ 23 सप्ताह का था। 20 अक्तूबर 2014 को उसकी रोहतक पीजीआई में डिलीवरी हुई। शादी से पहले मां बनने वाली छात्रा व उसके परिजनों ने बच्ची को अपनाने से इंकार कर दिया था। बच्ची अब सरकार के पास है।

काफी देर तक हुई बहस
कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों की काफी देर तक मामले पर बहस हुई। पीड़िता पक्ष के वकील ने आरोपी को कठोर दंड देकर न्याय की मांग की, जबकि आरोपी पक्ष के वकील ने निहाल सिंह के बुजुर्ग व गरीब होने की दलील दी। न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद आरोपी को उम्रकैद की सजा सुना दी। पीड़ित पक्ष के वरिष्ठ वकील लाल बहादुर खोवाल का कहना है कि कोर्ट का यह अच्छा फैसला है। हमने कोर्ट से उम्रकैद की सजा के लिए पैरवी की थी। ऐसे मामलों में दोषी को कठोर दंड दिया जाना चाहिए।
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