कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन पर कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग छिड़ गई है। केएमपी एक्सप्रेस वे के शुभारंभ को लेकर कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने जहां पीएम और सीएम पर तंज कसा तो हरियाणा सरकार की ओर से पलटवार में भी देरी नहीं हुई। उद्योग मंत्री विपुल गोयल, सुरजेवाला को खरी-खरी सुनाने में पीछे नहीं रहे। सुरजेवाला ने सोमवार सुबह ट्वीट किया था कि आधे-अधूरे केएमपी का उद्घाटन कर हजारों राहगीरों की जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है।
कंसल्टेंट और एचएसआईआईडीसी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट कहां है। चुनाव में वाहवाही बटोरने के लिए तो कहीं इसका आनन-फानन में शुभारंभ नहीं किया। रणदीप के ट्वीट पर केएमपी के उद्घाटन के बाद विपुल गोयल ने मोर्चा खोला। गोयल ने कहा कि अगर कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे को कांग्रेस पर छोड़ दिया गया होता तो यह अगले दशक तक भी चालू नहीं हो पाता। 14 नवंबर 2018 को थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिटर की अपनी रिपोर्ट में इस सड़क परियोजना को सुरक्षित और विश्वसनीय पाया गया है।
रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद इंडिपेंडेंट कंसलटेंट ने भी 17 नवंबर 2018 को सिफारिश की है कि इस एक्सप्रेस वे को यातायात के लिए खोला जा सकता है। उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिटर और इंडिपेंडेंट कंसलटेंट दोनों ने ही प्रथम माह में इस राजमार्ग को कारों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा और ट्रकों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से संचालित करने की सिफारिश की है। ताकि सड़क उपयोगकर्ता प्रवेश और निकास बिंदुओं से वाकिफ हो सकें।
स्पीड सीमा के संकेतक जगह-जगह लगाए गए हैं और प्रवेश-निकास बिंदु पर पर्याप्त संख्या में मार्शलों को तैनात किया है। सुरजेवाला के लिए यह बेहतर होगा कि वे अपनी ऊर्जा का सदुपयोग कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान इस परियोजना के लंबित रहने से इसकी लागत में हुई भारी वृद्धि पर आत्मनिरीक्षण करने पर लगाएं।