सतलोक आश्रम के मुखिया रामपाल के नजदीकी एवं कट्टर भगत रहे डॉ. ओपी हुड्डा झज्जर में सिविल सर्जन रह चुके हैं। उन्होंने दो साल तक यहां के सिविल अस्पताल में अपनी सेवाएं दी हैं।
उस दौरान भी वे रामपाल के भगत थे तथा अपने गुरु के उनके खिलाफ एक भी शब्द सुनना उन्हें मंजूर नहीं था। अगर कोई रामपाल के खिलाफ कुछ भी बोल देता तो वे उसके साथ उलझ पड़ते थे।
डॉ. ओमप्रकाश हुड्डा को तीन जनवरी, 2007 को शहर के सिविल अस्पताल में सीएमओ पद का कार्यभार दिया गया था। तब से लेकर 29 जनवरी, 2009 तक वे इस पद पर बने रहे। अक्सर वो बाबा रामपाल के सत्संगों में भी जाया करते थे। उन्होंने अपने आवास में भी रामपाल की फोटो लगाई हुई थी।
अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि डॉ. ओपी हुड्डा कई बार कर्मचारियों के सामने भी उनकी महिमा मंडन किया करते। कर्मचारियों ने बताया कि अगर किसी को छुट्टी लेनी होती तो वो सीएमओ के पास जाकर रामपाल की थोड़ी प्रशंसा करते थे। सीएमओ खुश हो जाते और तुरंत छुट्टी मिल जाती थी। अगर सतलोक आश्रम में सत्संग होता और उस दिन कोई कर्मचारी सत्संग में जाने के बहाने छुट्टी मांगता तो उसे भी तुरंत छुट्टी दे दिया करते थे।