ऑल इंडिया डिफेंस ब्रदरहुड पंजाब के पदाधिकारियों ने पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह पर फौजियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। प्रधान बिग्रेडियर कुलदीप सिंह कहलो के नेतृत्व में रविवार को संगठन से जुड़े लोगों ने पूर्व जनरल बीके सिंह के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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बिग्रेडियर कुलदीप सिंह काहलो ने बताया कि हाई पावर्ड कमेटी ने 1984 में ‘वन रैंक वन पेंशन’ स्कीम लागू करने की मांग उठाई थी, लेकिन एनडीए सरकार द्वारा यह मांग साल 1999 में आनंदपुर साहिब में तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडेस ने तकरीबन एक दर्जन आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के सैन्य अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
इसके पश्चात इस फार्मूले को लागू करने के लिए अंडर सेक्रेटरी भारत सरकार के रक्षा मंत्री मालती नारायण के हस्ताक्षर के बाद कंट्रोल जनरल डिफेंस अकाउंट्स नई दिल्ली को भेजा गया।
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‘वन रेंक वन पेंशन’ लागू करने के आदेश जारी
उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2014 से ‘वन रेंक वन पेंशन’ लागू करने के लिए आदेश भी जारी किए गए हैं। केवल यूपीए सरकार ही 10 फीसदी तक डीए में वृद्धि करती रही है, जबकि वाजपेयी सरकार ने केवल एक या दो फीसदी तक ही वृद्धि की।
2008 से 2012 के दौरान पेंशन में जो वृद्धि की गई, उस पर राज्य सभा की कमेटी के अनुसार 2200 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि थल सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह गलत बयानबाजी कर फौजियों को सियासती हितों के चलते गुमराह कर रहे हैं, क्योंकि वह खुद बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह काहलो ने कहा कि कांग्रेसी प्रत्याशी प्रताप सिंह बाजवा व कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘वन रेंक वन पेंशन’ को लागू करवाया, जिसके लिए समूह सदस्यों ने फैसला लिया कि वह प्रताप सिंह बाजवा को समर्थन देंगे।
इस मौके पर उनके साथ हिमाचल व पठानकोट के सीनियर उपप्रधान कर्नल बलकार सिंह, यूथ वरिष्ठ नेता अमित मोंटू, मैंबर पंचायत हरजीत सिंह, टिंकू व अन्य मौजूद थे।
'कांग्रेस 26 साल से पूर्व सैनिकों को दे रही झुनझुना'
पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने पूर्व सेनिकों से एक रैंक एक पैंशन मामले में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
वन रैंक वन पेंशन माना पर दिया नहीं
पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने कांग्रेस द्वारा पूर्व सेनिकों से एक रैंक एक पैंशन मामले में लगातार धोखा किए जाने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस 26 साल से इस मुद्दे पर झुनझुना देते आ रही है।
जनरल सिंह शनिवार को छेहरटा में पूर्व सेनिकों के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कहा कि 26 साल पहले कांग्रेस की सरकार ने केपी सिंह देव कमेटी की रिपोर्ट को मानते हुए वन रेंक वन पैंशन की बात मान ली थी।
लेकिन 26 साल बाद भी घोषणाएं करने के बावजूद लोक सभा में कांग्रेस के वित्तमंत्री कोई नोटिफिकेशन करने के बजाए अभी भी यह कह रहे हैं कि हमने सिद्धांत के तौर पर एक रैंक एक पैंशन की बात मानी है। यह पूर्व सैनिकों से सरेआम धोखा नहीं है तो क्या है?
भाजपा के लिए राष्ट्र सबसे पहले
वी के सिंह ने कहा कि जवान ही एक ऐसी कोम है जो सबसे पहले देश के बारे में सोचती है। जब सब कुछ फेल हो जाता है तो सेना को बुलाया जाता है। यह इसी लिए कि सेना के लिए देश ही सबसे पहले होता है। श्री सिंह ने कहा कि भाजपा और सेना में यही सबसे बड़ी समानता है कि दोनों के लिए राष्ट्र सबसे पहले है।
इस मौके अमृतसर संसदीय क्षेत्र से अकाली दल व भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार अरूण जेतली ने भी संबोधित करते हुए कहा कि मैं तो खुद जनरल साहिब को सुनने आया हूं, देश की उनके प्रति सोच का मैं कायल हूं।
अरूण जेतली ने कहा कि आने वाली लोक सभा पहली ऐसी लोक सभा होगी जिसमें पूर्व सैनिकों की सर्वाधिक भागेदारी होगी। भाजपा ने इस बार जनरल वीके सिंह के अलावा जनरल बीसी खंडुरी, कैप्टन राजवर्धन सिंह राठोड़, कर्नल सोना राम जैसे सेना के पूर्व दिगज्जों को टिकट दी है। जिससे सेना से जुड़े सामलों में फैसला लेते समय इन लोगों की राय महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जेतली ने कहा कि कांग्रेस तो अब तक एक रैंक एक पैंशन पूर्व सेनिकों से धोखा ही करती आई है। हमारी सरकार आने पर इसे तुरंत लागू कर पूर्व सेनिकों को इसका फायदा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों के कांग्रेस शासनकाल में देश का रक्षातंत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेना के लिए जरुरी साजो समान की खरीददारी व आधुनिकरण को लटकाया जा रहा है।