यूटी प्रशासन ने शहर में रामलीला के आयोजन के लिए 62 बिंदुओं की मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसमें आयोजकों को कई तरह की हिदायतें दी गई हैं। दर्शकों के लिए भी कई निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी नियम की अनदेखी करने पर आयोजक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने एसओपी में कहा है कि स्टेज और दर्शकों के बीच उचित दूरी होनी चाहिए। आयोजक मंडली में शामिल 25 लोगों की जानकारी स्थानीय पुलिस को देनी होगी। जगह के लिए आयोजकों को अलग से इजाजत लेनी होगी। रात 8 से 12 बजे के बीच ही रामलीला का मंचन किया जा सकेगा। 12.30 बजे से पहले आयोजन स्थल को खाली कर देना होगा।
आयोजकों से कहा गया है कि वह पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे। किसी भी झूले आदि का प्रबंध नहीं होना चाहिए, न ही रामलीला में इस्तेमाल होने वाले गदे व तीर-धनुष की बिक्री होनी चाहिए। पूरे इलाके की बैरिकेडिंग और आयोजन स्थल पर कम से कम चार निकासी द्वार होने चाहिए। पूरे इलाके में लाइटिंग की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। एसओपी में यह भी कहा गया है कि अगर आयोजन के दौरान किसी तरह की कोई घटना होती है या सरकारी संपत्ति का नुकसान होता है तो इसके लिए आयोजक ही जिम्मेदार होंगे।