चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा ने रामलीला कमेटियों से प्रतिबंध हटा लिया है। खास बात यह है कि इस बार रामलीला कमेटियां अपने स्तर पर राम बारात निकाल सकती हैं। पहले महासभा की ओर से राम बारात निकाला जाता था। रामलीला कमेटी अपने स्तर पर अपने एरिया राम बारात नहीं निकाल सकती थी। महासभा ने रामलीला कमेटियों को बेहतर अवसर दिया है।
शहर में 35 से भी अधिक जगहों पर रामलीला होती है। 30 जगहों पर दशहरा मनाया जाता है। शारदीय नवरात्र 29 सितंबर से शुरू हो रहा है। रामलीला कमेटियां 29 सितंबर से रामलीला का मंचन शुरू करेंगी। महासभा के साथ 25 से अधिक रामलीला कमेटियां जुड़ी हैं। शारदीय नवरात्र में हर वर्ष की तरह इस साल भी शहर में रामलीला का मंचन होगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। रामलीला कमेटियों ने रिहर्सल शुरू कर दी है।
रामलीला कमेटियां कुछ दिनों में रिहर्सल शुरू करेंगी। महासभा की ओर से रामलीला मंचन और दशहरा के बाद तीन दिनों के लिए रामलीला प्रतियोगिता करवाई जाएगी। इसमें महासभा से जुड़ी रामलीला कमेटियां ही शामिल होंगी। रामलीला प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किया जाता है। इसके लिए महासभा जज का एक पैनल रखती है, जो प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को विजेता घोषित करते हैं।
चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा ने रामलीला कमेटियों से प्रतिबंध हटा लिया है। अब कोई भी रामलीला कमेटी अपने स्तर पर राम बारात निकाल सकती है। महासभा ने रामलीला कमेटियों को बेहतर अवसर दिया है। इसमें कोई भी रामलीला कमेटी राम बारात निकाल सकती है।
- भूपेंद्र शर्मा, चेयरमैन, चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा