पंडित जवाहर लाल नेहरु के बारे में विवादित टिप्पणी करने वाले शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने एक बार फिर माफी मांगी है।
रामबिलास शर्मा ने कहा कि मैं नेहरू जी का तहेदिल से आदर करता हूं। रोहतक में उस दिन हरियाणवी संस्कृति पर कार्यक्रम था। ऐसे में उनको लेकर कुछ शब्द निकल गए। वह माहौल के कारण हो गया।
उन्होंने कहा कि मेरी ऐसी कोई दुर्भावना नहीं थी कि मैं किसी की भावनाओं को आहत करूं। मेरे कारण यदि किसी की भी भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं दिल से क्षमा मांगता हूं।’
गुजवि में प्रिंटिंग विषय पर मंगलवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कुछ इन्हीं शब्दों से फिर माफी मांगी।
पिछले दिनों रोहतक में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षामंत्री ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री को लेकर कुछ शब्द कहते थे, जिसको लेकर पूरे प्रदेश में उनकी जमकर आलोचना हुई। ऐसे में मंगलवार को कार्यशाला के दौरान एक बार फिर से वह माफी मांगते नजर आए।
विज और मुख्यमंत्री के बीच में कोई मतभेद नहीं
रामबिलास ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री विज और मुख्यमंत्री खट्टर के बीच में कोई मतभेद नहीं है। रविवार को दोनों साथ ही दौड़ लगा रहे थे। इसी दौड़ से आप जान सकते हैं कि दोनों के बीच में रिश्ते कैसे हैं।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण पर सरकार किसानों की तरफ है। राष्ट्रपति ने भी भूमि अधिग्रहण के विरोध को गलत बताया है। यह किसानों काहितैषी है। किसानों के साथ कोई ठगी नहीं होने दी जाएगी।
यह हमारी रिपोर्ट है, जो संसद में पेश करेंगे
संसद में सरकार द्वारा पिछली सरकार के दस सालों का श्वेत पत्र जारी करने के सवाल पर रामबिलास शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश में भाजपा में विधायक दल के नेता अनिल विज थे।
उनकी अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी, जिसने कांग्रेस सरकार के कामों का लेखा-जोखा तैयार किया था। हम कोई विपक्ष का काम नहीं कर रहे हैं, यह हमारी कमेटी की रिपोर्ट है, जिसे हम संसद में पेश करेंगे।
शिक्षा के लिए बजट होगा इस बार खास
रामबिलास शर्मा ने कहा कि इस बार प्रदेश का बजट शिक्षा के लिए बेहद खास होगा। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु चाहे विदेश में रहे हो, उनकी बजट पर पूरी नजर थी। इसी के परिणामस्वरूप हम एक बेहतरीन बजट पेश कर सकेंगे। वह पढ़ाई करने के लिए विदेश गए थे।