फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम रहीम के समर्थक बोले- ‘जब बाबा जेल से आएंगे, तब दिवाली मनाएंगे'

Wed, 18 Oct 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब)
विज्ञापन
गुरमीत राम रहीम - फोटो : File Photo
विज्ञापन
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के साध्वी दुराचार मामले में जेल जाने के बाद देश के 6 राज्यों की करीब 7 करोड़ डेरा प्रेमियों ने फैसला लिया है कि जब तक उनके पिताजी जेल से बाहर नहीं आते तब तक वह दीवाली सहित कोई भी त्यौहार नहीं मनाएंगे। बाबा के खिलाफ आए फैसले के बाद से सभी डेरा प्रेमी मायूस हैं। इसी लिए उन्होंने किसी भी खुशी में शामिल न होने का फैसला लिया है। 
विज्ञापन


इस बारे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे प्रचार में डेरा प्रेमियों से अपील की जा रही है कि दीवाली सहित कोई भी त्यौहार न मनाएं। इसके साथ ही डेरा प्रेमी परिवारों में होनेे वाली शादी विवाह आदि कार्यक्रमों के दौरान वे डीजे बजाने और घरों में सजावट आदि करने से भी परहेज करें।
 
इसकी पुष्टि करते हुए डेरा प्रेमी नरेश बजाज ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल तथा मध्य प्रदेश आदि में बाबा के करीब 7 करोड़ अनुयायी है, जो लगातार डेरे से जुड़े हुए थे।  गुरु जी के जेल जाने से पूरी साध संगत दिल से आहत है। इस पर दीवाली सहित कोई भी त्यौहार न मनाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि दीवाली पर वह न तो पटाखे जलाएंगे और न ही मकानों की सजावट करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

शादियों में नहीं बजेगा डीजे 

राम रहीम के साथ हनीप्रीत (फाइल फोटो)
डेरा प्रेमी सिर्फ अपने घर के मुख्य गेट पर दो दीये जलाएंगे। बजाज ने बताया कि डेरे की पूरी साध संगत को दृढ़ विश्वास है कि जिस प्रकार से आरुषि हत्याकांड में नामजद किए गए तलवार दंपति को चार वर्ष कारागार में रहने के बाद न्याय मिला है और वह जेल से रिहा हुए हैं। ठीक उसी प्रकार से उनके पिताजी भी एक न एक दिन पाक-साफ होकर जेल से रिहा होंगे और उसी दिन देश की करोड़ों साध संगत जमकर दीवाली मनाएंगी। बजाज ने बताया कि जब किसी की आस्था पर कुठाराघात होता है तो उसकी खुशियां छिन जाती है।  
 
शादियों में नहीं बजेगा डीजे 
डेरा प्रेमी नरेश बजाज ने बताया कि वे अपने बच्चों की शादियों में डीजे नहीं बजाएंगे। वह बच्चों की शादियां उसी सादगी के साथ करेंगे जैसे डेरे में सत्संग के दौरान एक दूसरे को वर माला पहनाकर की जाती थी। उन्होंने बताया कि डेरे का सिस्टम बिगड़ने से सभी प्रेमी मायूस हैं, क्योंकि सत्संग में भाग लेना और नाम चर्चाओं में शामिल होना उनके जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है।

उन्होंने कहा कि डेरे के खिलाफ आए फैसले से वह आहत जरूर हैं, इसके बाद भी उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है कि एक न एक दिन उनके गुरु निर्दोष साबित होकर जेल से रिहा होंगे। डेरे में गुरुगद्दी दिवस मनाने के बारे में बजाज ने बताया कि इसका फैसला आने वाले समय में लिया जाएगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें