हजारों सुरक्षा बलों और अधिकारियों की फोर्स ने तीन दिन में 18 घंटे तक 700 एकड़ में फैला राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा खंगाल दिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर न्यायिक अधिकारी की देखरेख में डेरा सच्चा सौदा में शुक्रवार को शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन तीसरे दिन रविवार को समाप्त हो गया। सर्च ऑपरेशन का सच खोदा पहाड़ निकली चुहिया के रूप में सामने आने से हर कोई हैरान है और एक ही प्रतिक्रिया जाहिर कर रहा है कि सर्च के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।
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रविवार को कोर्ट कमिश्नर अनिल कुमार सिंह पवार के नेतृत्व 470 अधिकारी डेरा पहुंचे। सर्च ऑपरेशन की समीक्षा करने के बाद शाम को प्रशासन की ओर से प्रवक्ता सतीश मेहरा ने मीडिया से दो टूक कहा कि सर्च ऑपरेशन संपन्न हो गया है। मेहरा के जवाब से मीडिया वाले भी हैरान रह गए। दरअसल, डेरे में आठ अगस्त को पहले दिन 10 घंटे तलाशी अभियान चला था, जबकि दूसरे दिन नौ अगस्त को आठ घंटे सर्च आपरेशन चला था। तीसरे दिन केवल समीक्षा बैठक की गई।
वहीं, डेरे का क्षेत्रफल मिनी स्मार्ट सिटी जितना है। ऐसे में केवल 18 घंटे में डेरे की तलाशी चौंकाने वाली है। इसका जवाब सरकारी प्रवक्ता भी नहीं दे पाए। सर्च ऑपरेशन के लिए जितना तामझाम लेकर प्रशासन डेरे में घुसा, उसका इस्तेमाल न के बराबर किया गया। प्रशासन की ओर से बंद तालों को खोलने के लिए 22 लुहारों को बुलाया गया था, लेकिन इनके इस्तेमाल की नौबत नहीं आई। डेरे में लगे हजारों तालों की चाबी प्रशासन को मिल गई। इसी प्रकार सर्च ऑपरेशन में 10 जेसीबी मशीनें भी केवल शोपीस बनी रहीं।
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डेरे की तलाशी में मिला यह सब
गुरमीत राम रहीम
सर्च ऑपरेशन की कामयाबी के तौर पर यही बाहर आया कि अधिकारियों ने डेरा प्रमुख की गुफा से दो गुप्त रास्ते खोजे हैं, जो साध्वियों के आश्रम और गर्ल्स हॉस्टल में जाकर खुलते हैं। बारूद की फैक्टरी मिली। डेरे के अस्पताल में गड़बड़ियों को उजागर किया।
डेरा से 12 हजार की नई करेंसी और सात हजार पुरानी करेंसी मिली है। 15 लाख के टोकन मिले। एके 47 की मैग्जीन का बक्सा मिला। एक ट्रक पटाखों से भरा, बिना नंबर की ओबी वैन, लग्जरी गाड़ी मिली। बाघ के दो शावक, दर्जनों हिरण, मोर, जले कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, वॉकी टॉकी आदि।
ड्यूटी मजिस्ट्रेटों ने कोर्ट कमिश्नरों को सौंपी रिपोर्ट
सर्च ऑपरेशन समाप्त करने की घोषणा के बाद डीसी प्रभजोत सिंह ने बयान जारी कर बताया कि आठ अगस्त को सर्च ऑपरेशन के लिए नियुक्त किए गए सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की टीमों ने अपनी रिपोर्ट सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व कोर्ट कमिश्नर अनिल कुमार सिंह पवार को सौंप दी है। कोर्ट कमिश्नर यह रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को सौंपेंगे।
सर्च ऑपरेशन के बाद तय होगी डेरे पर अगली कार्रवाई
Haryana CM Manohar lal Khattar
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त न्यायिक अधिकारी की देखरेख में डेरा सच्चा सौदा की तलाशी हो रही है। सर्च ऑपरेशन के बाद जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रविवार को फतेहाबाद में मुख्यमंत्री ने उन खबरों को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि डेरे से निकाली गई संगत अपने साथ डेरे से सामान भी ले गई। उन्होंने कहा कि पुलिस और सेना ने डेरे को चारों ओर से घेर रखा है। डेरे से निकाले गए लोगों की जांच करके ही उन्हें उनके शहरों में भेजा गया।
डेरे की तलाशी में देरी के सवाल पर सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट ने जैसे ही कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया, अगले ही दिन तलाशी अभियान शुरू हो गया। डेरा प्रकरण में सरकार की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की प्राथमिकता डेरा प्रमुख को कोर्ट तक लेकर आने की थी।
सरकार के इंतजाम के चलते ही कम से कम नुकसान हुआ। अगर कहीं डेरा प्रमुख को डेरा परिसर से लाना पड़ता तो नुकसान ज्यादा हो सकता था।
शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद प्रदेश में डेरा समर्थकों द्वारा मचाए गए उत्पात के तुरंत बाद सरकार की ओर से अगर डेरा की जांच की जाती तो बहुत सा आपत्तिजनक सामान बरामद हो सकता था। वे रविवार को हुडा सेक्टर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डेरा को दी गई ढील के दौरान काफी आपत्तिजनक सामान बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सर्च अभियान डेरामुखी के खिलाफ फैसला आने के बाद चलाना चाहिए था। यही कारण रहा कि तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक सामान जो सामने आना चाहिए था वो नहीं आया। डेरा समर्थकों ने सरकार द्वारा दी गई ढील का फायदा उठाते हुए डेरा में मौजूद सबूत जलाकर नष्ट कर दिए।
उन्होंने कहा कि वे कोर्ट कमिश्नर द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन का स्वागत करते हैं। साथ ही कहा कि जो सबूत नष्ट किए गए हैं उसमें अपनी जांच का दायरा बढ़ाए तो अब भी डेरा में बहुत कुछ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि डेरा से अभी भी सबूत आने बाकी हैं। डेरा के राजदारों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जाए तो बहुत से राज सामने आ सकते हैं।