साध्वी रेप केस में 20 साल के लिए जेल में कैद हुए राम रहीम का आंखों देखा हाल जानिए। बताया जा रहा है कि वह सलाखों के पीछे चीखता चिल्लाता रहता है।
पैसे और ताकत के मद में चूर होकर खुद को खुदा समझने वाला गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल की सलाखों के पीछे अब सच्चे ईश्वर को यादकर रोते-बिलखते चिल्ला-चिल्ला कर पुकार रहा है कि मैं कि कित्ता ए, साड्डा कि कसूर ए। वह न कुछ ठीक से खा रहा है और न ही किसी से बात कर रहा है।
सैकड़ों दास-दासियों के बीच शाही जीवन का लुत्फ उठाने वाले राम रहीम के आसपास जेल में केवल दो नंबरदार ही हैं। मखमली बिस्तरों में सोने के आदी को जब कैदी बनाया गया तो जेल प्रशासन की तरफ से उसे एक चटाई और दो कंबल नसीब हुए। उसका गुनाह बेहद घिनौना है, लेकिन उसे चीखें मारकर रोते-बिलखते देख जेल के कई कैदियों का दिल भर आया।
जेल से रिहा हुए दलित नेता डॉ. स्वदेश किराड ने बताया
राम रहीम
- फोटो : SELF
नौ माह की सजा काट कर 29 अगस्त को सुनारिया जेल से रिहा हुए दलित नेता डॉ. स्वदेश किराड ने कुछ यूं बयां किया कैदी नंबर 8647 राम रहीम का आंखों देखा हाल। किराड़ का दावा है कि जब से जेल में राम रहीम कैदी बनकर आया है, दूसरे कैदियों की जेल के भीतर मिलने वाली ‘आजादी’ छिन गई है।
सामान्य दिनों में कैदी जहां दिन के समय खुली हवा में हरे-भरे वातावरण के बीच सुविधानुसार हल्की-फुल्की खेल एवं अन्य मनोरंजन गतिविधियां कर लेते थे, राम रहीम के आने से सुरक्षा के मद्देनजर तमाम चीजों पर पाबंदियां लग गई। किराड के मुताबिक, पहले दिन तो राम रहीम जेल देखकर पूरी तरह घबरा-सा गया और अंदर जाने को राजी ही नहीं हुआ।
जैसे-तैसे जेल प्रशासन उसे अप्रूवल ब्लॉक वाली जगह पर लेकर आया। राम रहीम को जेल में घरेलू कपड़े पहने ही देखा गया। जिस दिन जेल में आया तो वह कुर्ता-सलवार और कमर पर चौड़ी काली पट्टी बांधे हुए था, लेकिन बाद में वह गहरे रंग की कैपरी और हलके रंग की टीशर्ट में नजर आया। 28 अगस्त को फैसले वाले दिन सुरक्षा की दृष्टि से सभी कैदी एक तरह से नजर बंद कर दिए गए थे। जेल की पाठशाला में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट बनाई गई थी।
12 चक्की वाले ब्लाक में चुप रहता है राम रहीम
राम रहीम
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सजा निर्धारित होने के बाद जब उसे 12 चक्की वाले अप्रूवल ब्लॉक में लाया गया तो उसका चेहरा काफी उतरा हुआ था, अंदर जाने से वह डर रहा था। राम रहीम की वजह से सभी 12 चक्कियों में रहने वाले दूसरे कैदियों को स्पेशल सेल तथा हाई सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया। राम रहीम के ब्लॉक में केवल दो नंबरदारों को ही उसके साथ वाली चक्कियों में रहने की इजाजत दी गई है।
नंबरदार जब उससे चाय-पानी और खाने-पीने के लिए पूछते हैं तो चुप्पी साधे रखता है। ज्यादा पूछने पर भी ठीक से जवाब नहीं देता। उसे समझा-बुझाकर खाना खिलाना पड़ता है। आलीशान महल और इंपोर्टेड वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाले राम रहीम को जिस चक्की में रखा गया है, वहां टॉयलेट के लिए लोहे की इंडियन सीट है और पानी के लिए एक टूंटी लगी हुई है। नहाने और कपड़े आदि भी धोने की व्यवस्था चक्की में ही है।
मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए जेल की कैंटीन से क्वायल जरूर वह खरीद सकता है। जब स्वदेश किराड़ से यह पूछा गया कि क्या राम रहीम को किसी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता था तो उसने कहा कि जो सुविधाएं अन्य कैदियों को जेल प्रशासन की तरफ से उपलब्ध करवाई जाती हैं, उसको भी वही सब दी गई है।