संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गंभीर अपराधों में सजा काट रहे डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल दिए जाने की तीखी आलोचना की है। धामी ने कहा कि गंभीर आरोपों में दोषी और सिख विरोधी गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति के प्रति सरकार की यह दरियादिली न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था का मजाक भी है। उन्होंने कहा कि विशेष रियायतें देना पीड़ितों की पीड़ा का अपमान है और इससे न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। एसजीपीसी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक लाभ के लिए दोषियों को इस तरह राहत दी जाती रही, तो आम लोगों का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने सरकार से ऐसे फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की।