सुनारिया जेल से डेरामुखी को पीजीआई लाया जा सकता है। ऐसे में पीजीआई की फीमेल स्टाफ नर्सों ने डेरामुखी के उपचार के दौरान नर्सिंग करने से इंकार कर दिया है। इसके चलते प्रशासन ने मेल नर्स को अलर्ट किया है। वहीं संस्थान की ओर से गुरमीत का उपचार करने के लिए स्पेशल डॉक्टरों की टीम बना कर उन्हें अलर्ट रहने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार संस्थान में काफी समय से अफवाहों पर चर्चा थी कि कभी भी सुनारिया जेल से गुरमीत को उपचार के लिए लाया जा सकता है। इसके लिए बाकायदा शुक्रवार देर रात नर्सिंग स्टाफ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को अलर्ट कर रहा था कि कहीं कोई खामी नहीं रहनी चाहिए। यदि उनके यहां गुरमीत उपचार के लिए लाया जाता है तो उनके वार्ड पर सरकार, अधिकारी, वीवीआईपी और मीडिया की नजर रहेगी।
शनिवार को दिन भर चली मॉक ड्रिल ने इस डर को काफी समय तक लोगों में भ्रम की स्थिति भी बनाए रखी। वहीं सूत्रों की मानें तो कुछ फीमेल नर्सिंग स्टाफ ने डेरामुखी को नर्सिंग सेवाएं देने से भी इंकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने संस्थान में मौजूद मेल नर्सिंग स्टाफ को अलर्ट रहने को कहा है। गौरतलब है कि पीजीआई में 40 के करीब मेल नर्स हैं और इनकी ड्यूटी जरूरत पड़ने पर शिफ्ट के हिसाब से लगाई जा सकती है।
ये विभाग भी अलर्ट
Ram Rahim
डेरामुखी को उपचार देने के दौरान डॉक्टरों की टीम का चेयरमैन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक चौहान को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा फोरेंसिक विभाग से डॉ. एसके धत्तरवार, सर्जरी विभाग से डॉ. आरके कडवासरा, अस्थि रोग विभाग से डॉ. रूप सिंह, मेडिसन विभाग से डॉ. वीके कत्याल को भी अपने विभागों संबंधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही पूरे मामले की जिम्मेदारी डीएमएस आपातकालीन विभाग के डॉ. संदीप को सौंपी गई है। डॉ. संदीप को प्रशासन ने नोडल अधिकारी बनाया है, उनकी एंबुलेंस से लेकर प्रबंधन तक की जिम्मेदारी है।
गुरमीत को नहीं है कोई सीरियस समस्या
सूत्रों की मानें तो सुनारिया जेल में दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत को स्वास्थ्य संबंधी कोई सीरियस समस्या नहीं है। उन्हें लो बैक पेन के साथ कुछ मामूली समस्याएं हैं। उनका बीपी, शुगर और हाइपरटेंशन का उपचार पीछे 10 साल से ही चल रहा है।
वह अपने डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं को नियमित रूप से ले रहे हैं। राम रहीम का स्वास्थ्य लगभग सही है। फिलहाल एक्सपर्ट की मानें तो उन्हें किसी बडे़ ट्रीटमेंट की जरूरत भी नहीं है।