चंडीगढ़। सेक्टर-17 स्थित प्लाजा में रविवार को पीयू और कॉलेजों में पढ़ रहे सौ के करीब अफगान छात्रों और युवसत्ता के स्वयंसेवकों ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों के लिए रैली निकाली। इस दौरान युवाओं ने कैंडल मार्च भी निकाला। युवसत्ता की स्वयंसेवी लड़कियों और महिलाओं ने अफगानिस्तान की लड़कियों और महिलाओं के गौरवशाली दिन को वापस लाने के लिए गुलाबी पगड़ी पहनी।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने लड़कियों व महिलाओं को उनके घरों की चहारदीवारी के बाहर की जिंदगी से प्रतिबंधित कर दिया है। चाहे वह स्कूलों, कॉलेजों या यूनिवर्सिटियों में शिक्षा प्राप्त करना हो या नौकरी करना हो। अफगान स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ चंडीगढ़ के संयोजक अब्दुल मुनीर कक्कड़ ने कहा कि हम अफगान छात्रों, अफगानिस्तान के लोगों, विशेष रूप से अफगानिस्तान की महिलाओं की ओर से तालिबान की ओर से घोषित नवीनतम फैसले पर अपनी निंदा व्यक्त करते हैं। यह फैसला अफगानिस्तान की महिलाओं को उनके बुनियादी मानव अधिकार शिक्षा से वंचित करता है। हम विश्व के साथ भारत के लोगों से अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़े होने की अपील करते हैं।
इस मौके पर पूर्व डीपीआई (स्कूल) एसके सेतिया, सीनियर एडवोकेट रीटा कोहली, सीएसएसीएस के डिप्टी डायरेक्टर संदीप मित्तल, सर्वेंट्स ऑफ द पीपल्स सोसायटी के सचिव अजय कुमार शामिल रहे। रैली में अफगान युवाओं में मोहम्मद वालिद, मैवंद अमीन, डॉ जाहिद आर्य, मुस्तफा नूरी, सुहैला समा, सईदा दिलाबी आदि शामिल रहे।