भाई-बहन के प्यार की जीती जागती मिसाल जालंधर निवासी अमृतपाल कौर हैं। बीते 43 वर्ष से वह अपने भाई शहीद बीएसएफ जवान कमलजीत की समाधि पर राखी बांध रहीं हैं।
भारत पाक सीमा की जीरो लाइन पर बसे गांव सिंबल स्कोल की बीएसएफ की पोस्ट पर बनी शहीद भाई की समाधि पर रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर अमृतपाल कौर हमेशा की तरह राखी बांधने पहुंचीं।
भाई की समाधि पर राखी बांधने के बाद अमृतपाल ने बीएसएफ के जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उपहार के बदले देश की सीमाओं की इंच इंच भूमि की रक्षा का वचन लिया।
पाकिस्तान से 1971 की जंग में शहीद हो गए थे
भाई की शहादत से जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए अमृतपाल कौर ने बताया कि 4 दिसंबर 1971 की जब उसका भाई सिंबल स्कोल पोस्ट पर तैनात था। इसी बीच पाक सेना ने हमला बोल दिया। भाई नायक कमलजीत सिंह पाक सेना से लोहा लेते हुए गांव वासियों को सुरक्षित जगह पर जाने के लिए कहता रहा।
आखिर में पाक सेना की ओर से दागी गोलियां कमलजीत के सीने को भेदते हुए निकल गई, जिससे वह शहादत का जाम पी गया। इस बहन के साथ सरहद पर गए शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने बताया कि अमृतपाल कौर जैसी बहन पर समूचे राष्ट्र्र को नाज है।
इस मौके पर कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह, जिला एनआरआई सभा के प्रधान एनपी सिंह, एसडीओ नरेश त्रिपाठी, एएसआई अनंत राम, हवलदार पीसी वर्मा, नायब सूबेदार होशियार सिंह, आगोश सरीन, हवलदार बाबू लाल उपस्थित थे।