चंडीगढ़। पंजाब सरकार में डायेक्टर हेल्थ सर्विसेज (डीएचएस) के पद से सेवानिवृत्त डॉ. राकेश गुप्ता ने एनएचएम के प्रशासनिक निदेशक के पद के लिए आवेदन किया है। उन्होंने शुक्रवार को पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा, स्वास्थ्य सचिव और गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भी लिखा है।
डॉ. राकेश गुप्ता ने चंडीगढ़ में बनाए गए प्रशासनिक निदेशक के पद पर एक रुपये मासिक वेतन पर नौकरी करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निदेशक के डेढ़ लाख रुपये वेतन को एनएचएम कर्मचारियों के वेतन में मिलाकर उनके हित में काम किया जा सकता है।
डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग के साथ शहर से जुड़ा बेहतर अनुभव है। वह पिछले 54 साल से चंडीगढ़ में रह रहे हैं। अगर उन्हें इस पद पर तैनात किया गया तो है स्वास्थ्य विभाग के साथ शहर की बेहतरी में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
व्यक्ति विशेष की बजाय जनता का हित सोचे प्रशासन
प्रशासनिक निदेशक के पद पर नियुक्ति को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मचारी यूनियनों का विरोध जारी है। यूनियन महासचिव अमित कुमार ने कहा कि बिना किसी जरूरत के इस पद को बनाया जा रहा है। अभी तक बिना अधिकारी के एनएचएम के सभी कार्यक्रम बेहतर तरीके से चलाए जा रहे हैं। फिर अचानक से 18 लाख वार्षिक वेतन देकर एक अधिकारी को नियुक्त करने का क्या मतलब है। अगर इस पद का महत्व इतना ज्यादा है तो डॉ. राकेश गुप्ता को प्रशासनिक निदेशक नियुक्त किया जाना फायदेमंद रहेगा। सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में स्वास्थ्य निदेशक के पद पर तैनात अधिकारी ने अपने फायदे के लिए ऐसे मानक तय किए हैं, ताकि उनकी ही तैनाती दोबारा हो जाए। ऐसी स्थिति में चंडीगढ़ प्रशासक के एडवाइजर, स्वास्थ्य सचिव और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर से अनुरोध है कि वह किसी व्यक्ति विशेष की बजाए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जनता के फायदे को सोच कर निर्णय लें।