चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के समग्र निधि (कॉर्पस फंड) बनाने के लिए पूर्व विद्यार्थी व राज्यसभा सांसद विक्रम साहने ने एक करोड़ रुपये की राशि देने का वादा किया। पीयू के लॉ ऑडिटोरियम में आयोजित चौथी ग्लोबल एलुमनी मीट के दौरान उन्होंने यह घोषणा की। इसके अलावा एलुमनी डॉ. अरुण वर्मा 3.5 और पॉल ओसवाल पीयू को एक करोड़ की राशि दे चुके हैं।
देश-विदेश से करीब 3000 पूर्व विद्यार्थियों ने समारोह में शिरकत की। इनमें 200 के आसपास एलुमनाई अमेरिका, स्विट्जरलैंड आदि देशों से समारोह के लिए पीयू पहुंचे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूदगी में पीयू के पूर्व विद्यार्थियों ने संस्थान से जुड़ी यादें साझा कीं। इनमें विक्रम साहनी, प्रधानमंत्री के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय सूद और यूएस आधारित उद्यमी डॉ. अरुण वर्मा शामिल रहे।
कुज रुख मैनूं पुत लगदे ने, कुज रुख लगदे मावां, कुज रुख मेरे बाबे वांगड़ - मशहूर शायर शिव कुमार बटालवी की लिखी इस कविता को विक्रम साहनी ने गाकर सुनाया। उन्हाेंने बताया कि पीयू आते समय पुराने पेड़ों को देखकर उन्हें ये पंक्तियां याद आ गई। लोगों की तरह पीयू की भी विभाजन कहानी है जो 1882 में लाहौर में स्थापित हुई और देश के दो हिस्से होने के बाद पहले होशियारपुर और 1952 में चंडीगढ़ आई। पिछले समय पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने पर फैली अफवाह पर विक्रम साहनी ने कहा कि उन्हें शिक्षा मंत्रालय ने लिखित आश्वासन दिया है कि पीयू को केंद्र के अंतर्गत नहीं लाया जाएगा। पीयू का बहु-राज्य विश्वविद्यालय का ओहदा बरकरार रहेगा।
प्रो. अजय सूद बोले- हफ्ते में तीन दिन मिलते थे राजमा-चावल
1968 बैच से फिजिक्स ऑनर्स में पास आउट प्रो. अजय सूद ने हाॅस्टल के दिनों को याद किया और बताया उन दिनों हफ्ते में तीन दिन राजमा-चावल मिला करते थे। अगर मैस वालों के साथ ठीक बनती हो तो वह खाना देने में अधिक मेहरबान रहते थे। समाज के चार स्तंभ है शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन। इन तीनों की बुनियाद उनकी पीयू में तैयार हुई और उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया।
डॉ. अरुण बोले- पीयू के विद्यार्थी विश्वभर में नाम कमाए, यही सपना
यूएस में अपना बिजनेस चला रहे वह 1966 में बीटेक पास आउट डॉ. अरुण ने कहा वह न केवल विदेश में रहकर वहां के लोगों को नौकरियां दे रहे हैं बल्कि समाज सेवा भी कर रहे हैं। पीयू को 3.5 करोड़ राशि देने पर उन्होंने कहा यह उनका सपना है कि पीयू से पढ़े विद्यार्थी कामयाबी के शिखर तक पहुंचे और विश्वभर में अपना नाम बनाए। कुलपति प्रो. रेणु विग ने हाल ही के समय में यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों के बारे में बताया। नैक एक्रिडेशन में पीयू को ए प्लस-प्लस मिला, इस वर्ष एनईपी लागू की गई, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटर युनिवर्सिटी प्रतियोगिता में पीयू ने ओवरऑल ट्रॉफी जीती और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम में 69 पदक जीते।