अजय के निष्कासन पर उठाए सवाल : राजू ने कहा कि अजय चौटाला के निष्कासन का पत्र फर्जी है। आरएस चौधरी ने डिजिटल हस्ताक्षर को सुप्रीमो ओपी चौटाला के हस्ताक्षर बताए हैं। क्योंकि 4 दिनों से ओपी चौटाला से कोई भी व्यक्ति नहीं मिला था। अशोक अरोड़ा बताएं कि पार्टी से निकालने से पूर्व उन्हें 15 दिन का नोटिस दिया गया या नहीं? उनकी बात सुनी गई नहीं।
कौन से आरोप के तहत उन्हें निकाला गया है? एक प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव को कैसे हटा सकते हैं। अजय चौटाला को पार्टी सुप्रीमो वर्ष 2004 में सीएम बनाना चाहते थे, लेकिन अभय चौटाला ने विरोध किया। जब दोनों नेता जेल गए, उस समय पार्टी के 32 विधायक थे जो घटकर 19 रह गए।
अभय चौटाला ने तीन बार धमकाया
राजू ढुल ने कहा कि वर्ष 2017 में जब उन्होंने पाई में युवा सम्मेलन बुलाया। उस समय 12 दिसंबर को रात को 8.11 बजे उनके पास अभय चौटाला का फोन आया। उन्होंने मुझे गालियां दीं और कहा था कि दिग्विजय का सम्मेलन करवाओगे तो पार्टी से बाहर कर दिए जाओगे। इसके बाद 5 अगस्त की रैली से पूर्व 2 अगस्त को कुरुक्षेत्र में कार्यकारिणी की बैठक में अभय चौटाला ने मुझे धमकाया।
इसके बाद 16 अगस्त को होने वाले सम्मेलन से पूर्व 15 अगस्त को कैथल में एक पैलेस के बाहर सभी के सामने मुझे धमकी दी और कहा कि पार्टी को आपकी और युवाओं की जरूरत नहीं है। हरदीप सिंह व राजू ढुल पाई ने कहा कि जिला कार्यकारिणी में अधिकतर पदाधिकारी इनेलो संगठन की जगह एक व्यक्ति विशेष की पसंद के हैं। इसलिए वे जहां हैं, वहां होने का उन्हें कोई दुख नहीं हैं।