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हरियाणाः परिवहन विभाग ने लिया फैसला, रोडवेज के चालकों-परिचालकों का ओवरटाइम खत्म

Thu, 15 Nov 2018 11:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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haryana roadways
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हरियाणा परिवहन विभाग ने रोडवेज के चालकों-परिचालकों को जोर का झटका धीरे से दिया है। विभाग ने इनका ओवरटाइम खत्म कर दिया है। जिससे इन्हें हर महीने हजारों रुपये की चपत लगेगी। ओवरटाइम से चालकों-परिचालकों को हर महीने मोटी कमाई होती है। रोडवेज महानिदेशक आरसी बिढान ने गुरुवार को सभी जीएम को पत्र जारी कर ओवरटाइम का खर्च शून्य करने के निर्देश दिए हैं। 

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अब चालकों-परिचालकों से हर डिपो में सप्ताह भर में मात्र 48 घंटे ही ड्यूटी ली जाएगी। इससे अधिक ड्यूटी लेने पर परिवहन विभाग ओवरटाइम की राशि डिपो जीएम, ड्यूटी सेक्शन के अधिकारियों व यातायात प्रबंधक से करेगा। महानिदेशक ने डिपो प्रबंधकों को बसों अनुसार 48 घंटे की ड्यूटी के मद्देनजर चालकों-परिचालकों को दोबारा कार्य आवंटित करने के लिए भी कहा है। 

यदि चालक-परिचालक किसी और कार्य में लगाए गए हैं तो उन्हें तुरंत अन्य ड्यूटी से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ डिपो के जीएम की शिकायतें भी विभाग को मिली हैं, जो चालकों -परिचालकों का कार्य आवंटन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं।

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विभाग के तुगलकी फरमान से हालात होंगे खराब : कमेटी

रोडवेज - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, सरबत सिंह पूनिया, हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, जयभगवान कादियान, बाबूलाल यादव, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल, सुल्तान सिंह, नसीब जाखड़ ने कहा कि विभाग के फरमान से परिवहन व्यवस्था चरमरा जाएगी। 

रोडवेज में बसों व स्टाफ का भारी टोटा है, इसलिए रोडवेज कर्मचारी 12 से 18 घंटे ड्यूटी कर यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचाते हैं। कर्मचारियों की भर्ती किए बिना ही कर्मचारियों से सप्ताह में 48 घंटे की ड्यूटी लेने व ओवरटाइम समाप्त करने का पत्र जारी कर यात्रियों व छात्र-छात्राओं के लिए भारी परेशानी खड़ी कर दी है।

 उन्होंने कहा ओवरटाइम समाप्त करने के लिए वर्तमान बसों को चलाने के लिए कम से कम 18 हजार चालक-परिचालकों की भर्ती करना जरूरी है। यह केवल मात्र 700 प्राइवेट बसें ठेके पर लेने के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन से ध्यान हटाने का प्रयास है।
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