अपनी मां के साथ एक बेटी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से इंसाफ मांगने पहुंची थी, लेकिन उसे आंसुओं के साथ लौटना पड़ा। हिट एंड रन केस में पिछले डेढ़ साल से प्रशासन व पुलिस से इंसाफ मांग रही पूजा की गुहार अफसरों के कानों तक आज भी पड़ी। हालत यह है कि पूजा व्हीलचेयर के सहारे अपनी जिंदगी जीने पर पूरी तरह मजबूर है। एक समय था जब पूजा अपने मां-बाप का सहारा थी। एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट का काम कर पूजा अपना घर संभाल रही थी। लेकिन एक सड़क हादसे ने उसकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी। पुलिस व प्रशासन इन डेढ़ साल में पूजा को इंसाफ नहीं दिला सके।
मौली कांप्लेक्स में अपने परिवार के साथ रहने वाली पूजा अपने मां-बाप के साथ मंगलवार को गृहमंत्री से मिलने पहुंची। व्हीलचेयर पर बैठी पूजा सुबह 10 बजे से इंतजार कर रही थी। पूजा और उसके मां-बाप एक आस लगाए बैठे थे कि अगर गृहमंत्री से मुलाकात हो जाए तो शायद उनकी बेटी को इंसाफ मिल जाए लेकिन प्रशासन के अफसरों के चलते ऐसा न हो सका। व्हीलचेयर पर बैठी पूजा से जब मीडिया उसका हाल चाल लेना पहुंचा, तो प्रशासन के अफसरों को यह बात रास नहीं आई।
यह देख एस्टेट आफिस के एईओ मनोज खत्री ने पूजा की तबीयत ठीक न होने के हवाला देते हुए गृहमंत्री के कार्यक्रम से वापस ले जाने के लिए कहा। व्हीलचेयर पर बैठी पूजा मनोज खत्री की इस बर्ताव के चलते फूट-फूट कर रोने लगी। जबकि हकीकत यह है कि डॉक्टर की रेकमेंडेशन पर ही पूजा को रेडक्रॉस की ओर से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया था ताकि गृहमंत्री बाकी बच्चों के साथ पूजा से भी मिल सकें। लेकिन अफसरों की वजह से पूजा व उसके मां-बाप गृहमंत्री से नहीं मिल सके।
ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास हुआ था हादसा
मौली कांप्लेक्स की रहने वाली पूजा का 20 अगस्त 2016 को ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास सड़क हादसा हुआ था। हिट एंड रन के इस मामले में अब तक पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी। इस सड़क हादसे में पूजा के सिर में गहरी चोट आई थी। जिसके चलते पूजा अब चलने फिरने में असमर्थ है। अब व्हीलचेयर के सहारे पूजा अपनी जिंदगी जीने पर मजबूर है। पूजा सेक्टर-20 में प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। 20 अगस्त 2016 को आफिस से घर जा रही थी जब उसके यह हादसा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी की फुटेज भी रिकार्ड होने के चलते अब तक आरोपी पकड़े नहीं जा सके। हिट एंड रन के ऐसे कई मामले पेंडिंग हैं, जिन पर चंडीगढ़ पुलिस गौर नहीं करती।